Ёри некӯтар аз онаст ки ман дидам пор

یار نیکوتر از آنست‌ که من دیدم پار

Бош то сол дигар хўбтрк гардад ёр

باش تا سال دگر خوبترک گردد یار

Пори як бӯса ба сад аҷз намедод ба ман

پار یک بوسه به صد عجز نمی‌داد به من

Худ ба худ медиҳад имсол ба ман бӯсаи ҳазор

خود به خود می‌دهد امسال به من بوسه هزار

Бас ки бӯсидаам имсоли лаби нозук ӯ

بس‌که بوسیده‌ام امسال لب نازک او

Аз лабаши ҷои сухан бӯса чакад азгФтор

از لبش جای سخن بوسه چکد ازگفتار

Пор май ҷусти канор аз ману имсоли ҳаме

پار می‌جست ‌کنار از من و امسال همی

Бӯсҳо ришва диҳад тоаш дар орм ба канор

بوسها رشوه دهد تاش در آرم به ‌کنار

Зонсўии бӯсаи маро кор кашидаст кунун

زانسوی بوسه مرا کار کشیدست‌ کنون

Бас ки май байнам каз бӯса надорад инкор

بس‌ که می‌بینم‌ کز بوسه ندارد انکار

Шеър кардаст шиори худу зинрў бо ман

شعر کردست شعار خود و زینرو با من

Ром гаштаст бдонгўнаҳ ки гӯйанд ағёр

رام ‌گشتست بدانگونه‌ که ‌گویند اغیار

Ёрб ин обилаи рӯи аблҳки муфлиси зишт

یارب این آبله رو ابلهک مفلس زشت

Бачаи тадбир ба ширин писарон гардад ёр

بچه تدبیر به شیرین پسران ‌گردد یار

Ҳар куҷо ҳаст ғзлгўии Ғаззолӣ дар шаҳр

هر کجا هست غزلگوی غزالی در شهر

Паии сайдаши ҳамаи дами дом наад аз ашъор

پی صیدش همه دم دام نهد از اشعار

Лаби хубони магаси наҳл ва надидам ҷуз ӯ

لب خوبان مگس نحل و ندیدم جز او

Анкабутӣ ки намояди магаси наҳли шикор

عنکبوتی‌که نماید مگس نحل شکار

Рост гӯйанд ҳакямони ҷаҳони дида ки нест

راست گویند حکیمان جهان دیده که نیست

Лола бедоғу шукр бе магаси вгл бе хор

لاله بی‌داغ و شکر بی‌مگس وگل بی‌خار

Нашавад шоҳиди зеборуи ҷузи ҳамдами зишт

نشود شاهد زیبارو جز همدم زشت

Нахурд харбузаи ширини алои кафтор

نخورد خربزهٔ شیرین الّا کفتار

Алғрзи пор агар ёр маро додӣ бӯс

الغرض پار اگر یار مرا دادی بوس

Аз сари хашми якеро ду ҳаме кард шумор

از سر خشم یکی را دو همی‌ کرد شمار

Винки имсол чу бар рӯйу лабаши бӯсаи занам

وینک امسال چو بر روی و لبش بوسه زنم

Шастро шаш шимурди сиро се члро чор

شصت را شش شمرد سی را سه چل را چار

Ҳаии ҳамеи шеъри з ман гираду ҳай бӯса диҳад

هی همی شعر ز من گیرد و هی بوسه دهد

Хуррами онкў чу маниш шеър фурӯшӣаст шиор

خرم آنکو چو منش شعر فروشیست شعار

Ҳаркии як шеър маро бинад андар бар ӯ

هرکه یک شعر مرا بیند اندر بر او

Ҳолеи андари иваз ӯ диҳадаш бӯсаи ҳазор

حالی‌اندر عوض او دهدش بوسه هزار

Коғази шеъри марои пор агар май бурданд

کاغذ شعر مرا پار اگر می‌بردند

Ба яке коғази доруи нхридии аттор

به یکی کاغذ دارو نخریدی عطار

Лекини имсол ба тақлиди бути содаи ман

لیکن امسال به تقلید بت سادهٔ من

Камтарини шеър маро ҳаст ривоҷи динор

کمترین شعر مرا هست رواج دینار

Ёр танҳо на чунинаст ки ҳар ҷо санамӣ аст

یار تنها نه چنینست‌ که هر جا صنمی است

Аз паии шеъру ғазал дар бар ман ҷӯяд бор

از پی شعر و غزل در بر من جوید بار

Ҳар прирў ки бадви шеър маро бархонӣ

هر پریرو که بدو شعر مرا برخوانی

Ба ту муштоқ буд чун ба гули сурхи ҳазор

به تو مشتاق بود چون به ‌گل سرخ هزار

Шеъри ман ҳамчу азоем шудаи афсуни парӣ

شعر من همچو عزایم شده افسون پری

Ки парӣ вор кунад содаи рухонро эҳзор

که پری‌وار کند ساده رخان را احضار

Шеъри мангар ба сари зулфи накӯёни бандӣ

شعر من‌ گر به سر زلف نکویان بندی

Бо ту онгуна шавад ром ки бо афсуни мор

با تو آنگونه شود رام ‌که با افسون مار

Ҳар касе шеъри ман имрӯзи фурушад ба силам

هر کسی شعر من امروز فروشد به سلم

Даҳ ду афзӯни хирад аз нуқраи холиси туҷҷор

ده دو افزون خرد از نقرهٔ خالص تجار

Ходими хонаи ҳамеи шеъри маро май дуздад

خادم خانه همی شعر مرا می‌دزدد

Каши фурушади ивази симу тилло дар бозор

کش فروشد عوض سیم و طلا در بازار

Ҳршб ояд бар ман дӯст чу як хирмани гул

هرشب آید بر من دوست چو یک خرمن گل

Вази лаб худ диҳадам қанду шукри як харвор

وز لب خود دهدم قند و شکر یک خروار

Ман кунун карами қзми он лаби ёқӯтии тӯт

من‌کنون ‌کرم قزم آن لب یاقوتی توت

Зон хӯрам тӯту зи ашъори танам ҳар дами тор

زان خورم توت و ز اشعار تنم هر دم تار

Шеъри ман рост ба абрешим Гелон монад

شعر من راست به ابریشم‌ گیلان ماند

Ки хрндш ба салафи пелаи варон дар амсор

که خرندش به‌سلف ‌پیله‌وران در امصار

Ғолбои шеъри ман ингуна аз он роиҷ шуд

غالبآ شعر من اینگونه از آن رایج شد

Ки писанд афтод дар ҳазрати мхдўи ми кбор

که پسند افتاد در حضرت مخدو‌م‌ کبار

Он ҳасани исму ҳасани расм ки гӯйии зи азал

آن حسن اسم و حسن رسم‌ که‌گویی ز ازل

Халқ гаштаст зи халқи хуш ӯ боди баҳор

خلق‌گشتست ز خلق خوش او باد بهار

Онкии ёради зи паии манъи ҳаводиси шабу рӯз

آنکه یارد ز پی منع حوادث شب و روز

Гирд бар гирди ҷаҳонро кашад аз ҳзми ҳисор

گرد بر گرد جهان را کشد از حزم حصار

Абри Нитсаон агар аз ҳиммат ӯ ҷӯяд файз

ابر نیسان اگر از همت او جوید فیض

Ивази гули ҳамаи ёқӯти дамад аз гулзор

عوض‌گل همه یاقوت دمد از گلزار

Каф ӯ гӯйии оташ буду сими сапанд

کف او گویی آتش بود و سیم سپند

Зон нагирад нафасӣ дар бар ӯ сими қарор

زان نگیرد نفسی در بر او سیم قرار

Панҷ моҳӣаст ба дарёии кафши панҷ ангушт

پنج ماهیست به دریای‌ کفش پنج انگشت

Гарчи моҳӣ нишнидам ки буд гавҳарбор

گرچه ماهی نشنیدم ‌که بود گوهربار

Дар се моҳяши яке мор буд номаши калак

در سه ماهیش یکی مار بود نامش‌کلک

Лек Марӣ ки азу машк буд дар рафтор

لیک ماری‌ که از و مشک بود در رفتار

Мор дидӣ ки гуҳари борад бар сафҳаи сим

مار دیدی‌ که‌ گهر بارد بر صفحهٔ سیم

ё шунидӣ ки кунад машк ба кофури нисор

یا شنیدی ‌که ‌کند مشک به‌ کافور نثار

Мор дидӣ ки фишонд ба дили заҳри шукр

مار دیدی‌که فشاند به دل زهر شکر

ё хӯрд дар ивази хоки сияҳи машки ттор

یا خورد در عوض خاک سیه مشک تتار

Мори дидстӣ чун наҳли фурӯи резади шаҳд

مار دیدستی چون نحل فرو ریزد شهد

Мори дидстӣ чун нахли рутаби оради бор

مار دیدستی چون نخل رطب آرد بار

Не на марти яке тӯтӣ шукр шиканаст

نی نه مارس یکی طوطی شکر شکنست

Зон дамодам ба сӯии ҳинди пурди тӯтии вор

زان دمادم به سوی هند پرد طوطی‌وار

Тӯтӣ ар париши сбзстӣу минқораши сурх

طوطی ار پرّش سبزستی و منقارش سرخ

ӯ буд тӯтии заррини пари мишкӣни минқор

او بود طوطی زرین پر مشکین منقار

Анбари орад агар аз баҳр кафш нест аҷаб

عنبر آرد اگر از بحر کفش نیست عجب

Анбари оранди балии мардум аз дарёи бор

عنبر آرند بلی مردم از دریا بار

эй кигар ояти ҳзми ту бар аъдои бадманд

ای ‌که ‌گر آیت حزم تو بر اعدا بدمند

Дар нҳонхонаҳи тақдири бибинанди асрор

در نهانخانهٔ تقدیر ببینند اسرار

То ки колои вуҷӯди ту ба бозор омад

تا که‌ کالای وجود تو به بازار آمد

Осмон бар дар дукон адам зад мсмор

آسمان بر در دکان عدم زد مسمار

Калаки сҳори ту чун шеъри нўисдгўиӣ

کلک سحار تو چون شعر نویسدگویی

Сӯрат рӯҳ кунад бар пари ҷбрил нигор

صورت روح‌ کند بر پر جبریل نگار

Гар ту гӯйӣ набӣастам ману шеърами мӯъҷиз

گر تو گویی نبی استم من و شعرم معجز

Бар ба пайғамбарят ман кунам аввали иқрор

بر به پیغمبریت من‌ کنم اوّل اقرار

Ивази кӯзаи ҳамаи ҷоми ҷами оради берун

عوض ‌کوزه همه جام جم آرد بیرون

Гар мисли кӯза ӣӣ аз фахр ту созад Фхор

گر مثل‌کوزه‌یی از فخر تو سازد فخار

Соҳбои хостам аз шоҳи тиўлӣ дар Форс

صاحبا خواستم از شاه تیولی در فارس

Пеш аз онӣ ки ба Ширози зи раии бандами бор

پیش از آنی‌ که به شیراز ز ری بندم بار

Шоҳ фармуд тиўли ту буд малики сухан

شاه فرمود تیول تو بود ملک سخن

Мари турои ҳамчуи раияти шуъарои боҷи гузор

مر ترا همچو رعیت شعرا باج‌گزار

Чаҳ тиўлсти азин ба ки муҳаввал дорем

چه تیولست ازین به ‌که محوّل داریم

Ваҷҳи марсуми ту бар синфӣ аз аснофи диёр

وجه مرسوم تو بر صنفی از اصناف دیار

Аз қазои зиндаи бади он рӯзи маин муставфӣ

از قضا زنده بد آن روز مهین مستوفی

Каш биёмурзод аз фазли фаровони додар

کش بیامرزاد از فضل فراوان دادار

Гуфт он ба ки ба қассобонаши фармони бидиҳем

گفت آن به‌که به قصابانش فرمان بدهیم

То ҳамеи чарб забонтар шавад андари ашъор

تا همی چرب زبانتر شود اندر اشعار

Шоҳи пзрФт ва аз он пас ки гирифтам фармон

شاه پذرفت و از آن پس‌ که ‌گرفتم فرمان

Аз пай омадани Форси зи шаҳи ҷустами бор

از پی آمدن فارس ز شه جستم بار

Чун ба Ширози расидам дар ҳарҷое ман

چون به شیراز رسیدم در هرجایی من

Гашти моил ба бутии сангдилии сими изор

گشت مایل به بتی سنگدلی سیم عذار

Дилбарии сода ки бади мӯии сияҳ бар рӯйиш

دلبری ساده ‌که بد موی سیه بر رویش

Чун яке дастаи сунбул ки дамад аз гулнор

چون یکی دستهٔ سنبل‌ که دمد از گلنار

Лаб ӯ бо ҳамаи глшкру глқнд ки дошт

لب او با همه گلشکر و گلقند که داشت

Дар шигифтам ки чаро буд ду чашмаши бемор

در شگفتم‌ که چرا بود دو چشمش بیمار

Ҷузи хаташ дар шикан зулф надидам ки раванд

جز خطش در شکن زلف ندیدم‌که روند

Фавҷӣ аз мӯрчагон дар шаби торӣ ба қатор

فوجی از مورچگان در شب تاری به قطار

Ҷузи Рахш дар хам гесу нишнидам ки касе

جز رخش در خم‌گیسو نشنیدم‌ که ‌کسی

Рӯз рухшанда кунад таъбияи андари шаби тор

روز رخشنده‌ کند تعبیه اندر شب تار

Атласии ҷузи рух зебоаш надидам ҳамаи умр

اطلسی جز رخ زیباش ندیدم همه عمر

Каз малоҳат будаш пуди вази некуии тор

کز ملاحت بودش پود وز نیکویی تار

Зулфи печонаши тӯмори сифати хам дар хам

زلف پیچانش طومار صفت خم در خم

Сабт карда ғами дилҳо ҳама дар он тӯмор

ثبت ‌کرده غم دلها همه در آن طومار

Алғрз аз пай марсум нарафтам дигар

الغرض از پی مرسوم نرفتم دیگر

Зонка девона хубон наравад аз паии кор

زانکه دیوانهٔ خوبان نرود از پی‌کار

Лекини имсол ки шдкисаҳам аз зари холӣ

لیکن امسال‌که شدکیسه ام از زر خالی

Ман шудам безару мҳрўии ман аз ман безор

من شدم بی‌زر و مهروی من از من بیزار

Сарви гулчеҳраи ман ғунча сифат шуд дилтанг

سرو گلچهرهٔ من غنچه صفت شد دلتنگ

То шуд азсими тиҳии панҷаи ман ҳамчуи чанор

تا شد ازسیم تهی پنجهٔ من همچو چنار

Хешро гуфтам лоқидӣу риндии токӣ

خویش را گفتم لاقیدی و رندی تاکی

Зин муҳаббат бигузаранда ва меҳнат бигзор

زین محبت بگذر انده و محنت بگذار

Чун ҳўолт шудаи марсуми ту бар мяши кашон

چون حوالت شده مرسوم تو بر میش ‌‌کشان

Инак имзоро шӯи хеши кашони зии солор

اینک امضا را شو خویش‌کشان زی سالار

Хештан дар ивази мяш фидо кун бар мейр

خویشتن در عوض میش فدا کن بر میر

То магар аз карами мейри шӯии бархӯрдор

تا مگر از کرم میر شوی برخوردار

Нозими кишвари ҷами мейри аҷами шери аҷм

ناظم‌کشور جم میر عجم شیر اجم

Хасм ӣам кони ҳамми баҳри карами кӯҳи виқор

خصم یم ‌کان همم بحر کرم ‌کوه وقار

Рафтам вагуфтаму пзрФт ва ҳмондм фармуд

رفتم وگفتم و پذرفت و هماندم فرمود

Ба маин муншии Абдуллоҳи тўқиъ нигор

به مهین منشی عبدالله توقیع نگار

Ки зи Қоонии фармони мубораки бустон

که ز قاآنی فرمان مبارک بستان

Баҳмони навъ ки хоҳад дилаши имзои майдор

بهمان نوع‌ که خواهد دلش امضا میدار

ӯ қалам қт зад ва зону зад ва ФрФр бинвишт

او قلم قط زد و زانو زد و فرفر بنوشت

Нома ӣӣ чун пари товуси пар аз нақш ва нигор

نامه‌یی چون پر طاووس پر از نقش و نگار

Баради зии мейраш ва зад меҳри ваз меҳр омад ва дод

برد زی میرش و زد مهر وز مهر آمد و داد

Зуд бигирифтаму бўсидмш аз ҷони садбор

زود بگرفتم و بوسیدمش از جان صدبار

Лек бозами зъно бор гаронӣаст бадал

لیک بازم زعنا بار گرانیست بدل

Борӣ аз ёрии ту бӯ ки сабк гардад бор

باری از یاری تو بو که سبک ‌گردد بار

Ъушри он ротбаҳ ҳар сол кунад кам девон

عشر آن راتبه هر سال‌کند کم دیوان

Ҳаст аз он кам шуданам бар дили ранҷӣ бисёр

هست از آن کم شدنم بر دل رنجی بسیار

Дорам амидкаҳ бахшад ба ту он ъушри амир

دارم امیدکه بخشد به تو آن عشر امیر

Ту ба ман бахше ва ман низ ба Тифлони сғор

تو به من بخشی و من نیز به طفلان صغار

Хоҳиш дигарам онаст ки он имзо ро

خواهش دیگرم آنست ‌که آن امضا را

Мейр аз хомаи худ зеб диҳад чун Фархор

میر از خامهٔ خود زیب‌ دهد چون فرخار

Ба хати хеши намояд ба калонтари марқӯм

به خط خویش نماید به کلانتر مرقوم

Ки ту марсуми фалонро бидиҳ ва узр меар

که تو مرسوم فلان را بده و عذر میار

Бадви қисти аввали соли онро аз мяши кашон

بدو قسط اول سال آن را از میش کشان

Бустон ваҷҳ бикун саъй ва муҳассил бигумор

بستان وجه بکن سعی و محصل بگمار

Ҳам бад-инсон бидиҳаш нақд ба ҳар сол дигар

هم بدینسان بدهش نقد به هر سال دگر

То кунад аз дилу ҷони мадҳи шаҳаншоҳи шиор

تا کند از دل و جان مدح شهنشاه شعار

Ҳам маро буд баҳри солаи зи шаҳи анъомӣ

هم مرا بود بهر ساله ز شه انعامی

Ки на имсол раседаст ва на пирор ва на пор

که نه امسال رسیدست و نه پیرار و نه پار

Мейр фармуд ту банависӣ ва худ бинависад

میر فرمود تو بنویسی و خود بنویسد

Нома ӣӣ чанд ба дарбори шаҳи ширшкор

نامه‌یی چند به دربار شه شیرشکار

То магари ъотФти хоҷа аъзам гардад

تا مگر عاطفت خواجهٔ اعظم‌ گردد

Мари марои Ямани яминаши сабаби исри ясор

مر مرا یمن یمینش سبب یسر یسار

Бар ба марсуми ман анъоми ман афзӯда шавад

بر به مرسوم من انعام من افزوده شود

Танам аз ранҷ шавад эмину ҷон аз тимор

تنم از رنج شود ایمن و جان از تیمار

ё мурраххас кунадам мейр ки дар хизмати ту

یا مرخص‌ کندم میر که در خدمت تو

Ба рай оем магарам кор шавад ҳамчу нигор

به ری آیم مگرم‌ کار شود همچو نگار

Ин се кор ар шавад аз лутфи ъмими ту дуруст

این سه‌ کار ار شود از لطف عمیم تو درست

Ба сару ҷони ту каз чарх барин дорам ор

به سر و جان تو کز چرخ برین دارم عار

Ҳеҷ донеи чаканами мухтасарии шарҳи даҳум

هیچ دانی چکنم مختصری شرح دهم

То зи тӯл суханат менашавад табъи Фкор

تا ز طول سخنت می‌نشود طبع فکار

Бихарами хонӣкии ҳамчуи яке боғи биҳишт

بخرم خانئکی همچو یکی باغ بهشت

Сӯрати содаи рухон нақш кунам бар девор

صورت ساده‌ رخان نقش‌کنم بر دیوار

Шоҳидии ғазабони гирам ки занад силӣу мушт

شاهدی غضبان گیرم ‌که زند سیلی و مشت

На ки ҳрлҳзаҳи кушояди зи миёни банди азор

نه‌که هرلحظه‌گشاید ز میان بند ازار

Глрху сарви қаду лолаи лабу насрин бар

گلرخ و سرو قد و لاله لب و نسرین بر

Дилкаши вмҳўи ши мишкӣни хату симини рухсор

دلکش ومهو‌ش مشکین خط و سیمین رخسار

Лаби мигўнш чу бар маи нқтӣ аз шингарф

لب میگونش چو بر مه نقطی از شنگرف

Гирди он нуқтаи хаташи доира ӣӣ аз зангор

گرد آن نقطه خطش دایره‌یی از زنگار

Ҳамаи асбоби тараб гирд кунам дар хона

همه اسباب طرب‌ گرد کنم در خانه

Аз майу барбат ва раваду неу авду дафу тор

از می و بربط و رود و نی و عود و دف و تار

Сад хами куҳнаи ситонами ҳамаи қӣр андӯда

صد خم‌ کهنه ستانم همه قیر اندوده

Қурби сад харвори ангури хуррам аз хлор

قرب صد خروار انگور خرم از خلار

Онгаҳ ангўркнми донау резам дар хам

آنگه انگورکنم دانه و ریزم در خم

Ҳаии ҳамеи лаби знмши бегаи вгаҳи лайл ва наҳор

هی همی لب زنمش بیگه وگه لیل و نهار

То бидон гуҳ ки чу девонаи кафи орад бар лаб

تا بدان گه ‌که چو دیوانه ‌کف آرد بر لب

Ва об ангур шавад сурхтар аз оби анор

و آب انگور شود سرخ‌تر از آب انار

Зон шавам масти бдонгўнаҳ ки дар бедорӣ

زان شوم مست بدانگونه‌که در بیداری

наменадонам ки ба Ширози дирам ё булғор

می ندانم‌که به شیراز درم یا بلغار

Ҳар замонӣ ки хӯрам бода ба ёд ту хӯрам

هر زمانی‌که خورم باده به یاد تو خورم

Ҳам ба ҷои ту занами бӯса ба рухсор нигор

هم به‌جای تو زنم بوسه به رخسار نگار

Ҳаии занами соғару ҳаии бӯсаи занам бар рухи дӯст

هی زنم‌ ساغر و هی بوسه‌ زنم بر رخ‌ دوست

Ҳай хӯрам бодау ҳай нақл хӯрам аз лаби ёр

هی خورم باده و هی نقل خورم از لب یار

Бар сари тахти сринтс Н бикашам ҳршби рахт

بر سر تخت سرینتث‌ن بکشم هرشب رخت

Ҳам бдонсон ки равад Кебеки дарӣ бар кҳсор

هم بدانسان ‌که رود کبک دری بر کهسار

То худоем ба саф ҳашар биёмурзад ҷурм

تا خدایم به صف حشر بیامرزد جرم

Ҳамаи мадҳ ту кунам дар ивази истиғфор

همه مدح تو کنم در عوض استغفار

Соли умри ту чу тазъифи буюти шатранҷ

سال عمر تو چو تضعیف بیوت شطرنج

Боди чндонкаҳ ба сад ҷаҳди даройад ба шумор

باد چندانکه به صد جهد درآید به شمار

Фаррухӣ гарчи бад-ӣни вазн ва қўоФӣ гуфта

فرخی گرچه بدین وزن و قوافی گفته

Шаҳри ғазнӣн на ҳамонаст ки ман дидам пор

شهر غزنین نه‌همانست‌ که‌ من دیدم پار

Лек бар турбаташи ин шеъри кас ар бар хонд

لیک بر تربتش این شعر کس ار بر خواند

Офарин гуяд ва аз ваҷд биҷунбад ба мазор

آفرین گوید و از وجد بجنبد به مزار