Саҳаргаҳон ки зи гардуни фурӯғи меҳри мунир

سحرگهان‌که ز گردون فروغ مهر منیر

Чу теғи хусрави офоқи гашти олами гир

چو تیغ خسرو آفاق گشت عالم‌گیر

Даромад аз дирами он ма ба рухи ниҳодаи ду зулф

درآمد از درم آن مه به رخ نهاده دو زلف

Яке сипед чу шер ва яке сиёҳ чу қӣр

یکی سپید چو شیر و یکی سیاه چو قیر

Ба сими чеҳраи Фрўҳштаҳи зулфи хам дар хам

به سیم چهره فروهشته زلف خم در خم

Бидон сифат ки каманди малик ба косаи шер

بدان صفت که کمند ملک به کاسهٔ شیر

зи ҷои ҷустам ва ӯ шуд чунон саросема

ز جای جستم و او شد چنان سراسیمه

Ки омилони вуҷӯҳ аз муҳассилони амир

که عاملان وجوه از محصلان امیر

Вале зи хондани шеъраш ба хеш кардам ром

ولی ز خواندن شعرش به خویش کردم رام

Балӣ ба хондани афсун парӣ шавад тасхир

بلی به خواندن افسون پری شود تسخیر

Чу нек ром шуд аз пас кшидмш ба бағал

چو نیک رام شد از پس کشیدمش به بغل

Чу шери нар ки гавазнии з пай кунад нахҷӣр

چو شیر نر که‌ گوزنی ز پی ‌کند نخجیر

Яке гумони ғалати бардаи бихўд аз сари сӯз

یکی گمان غلط برده بیخود از سر سوز

Чўкўдкон ситамдида баркашид нафир

چوکودکان ستمدیده برکشید نفیر

Наузи биллоҳ ҳамсоягон шуданд хабар

نعوذ بالله همسایگان شدند خبر

з чорсўӣ давиданд аз сағиру кабӣр

ز چارسوی دویدند از صغیر و کبیر

Ниҳони зи ман бути ман суст карда банди азор

نهان ز من بت من سست‌کرده بند ازار

Ба дом ишва барафшонад донаи тазвир

به دام عشوه برافشاند دانهٔ تزویر

Чу нек бар ман ва ӯ анҷумани шдндгрўаҳ

چو نیک بر من و او انجمن شدندگروه

Гуҳари з ҷазаъ фурӯрихт ҳамчуи абри мтир

گهر ز جزع فروریخت همچو ابر مطیر

з рӯй ҳилаи Фрўчид аз қафои доман

ز روی حیله فروچید از قفا دامن

зи бими чеҳраи ман зард шуд басони зрир

ز بیم چهرهٔ من زرد شد بسان زریر

Намӯд сими сринш чу зари дасти Афшор

نمود سیم سرینش چو زرّ دست افشار

Ки чун фишоряши азкФ бурун равад чу хамир

که ‌چون ‌فشاریش ‌ازکف برون ‌رود چو خمیر

Фурӯди он тибқи сими сурхи сӯрохӣ

فرود آن طبق سیم سرخ سوراخی

Чу ҷурми кби миррӣх дар ҳазизи мудӣр

چو جرم‌کب مریخ در حضیض مدیر

Ба гирди кунаши мӯеи се чори руста чунонк

به‌ گرد کونش مویی سه چار رسته چنانک

Касе қаноти куҳани солро кунад тҳҷир

کسی قنات‌ کهن سال را کند تحجیر

зи фарти шаҳвати ҳмдонм ончунон бархест

ز فرط شهوت حمدانم آنچنان برخاست

Ки майл қоматаш омад сутуни чархи асир

که میل قامتش آمد ستون چرخ اثیر

Ду тарк бар сар ман тохтанд бо ду амӯд

دو ترک بر سر من تاختند با دو عمود

Ки рост гуфтӣ он ҳар ду мункиранду накир

که راست‌گفتی آن هر دو منکرند و نکیر

Стбри сблти ҳаряки гузашта аз бар дӯш

سطبر سبلت هریک ‌گذشته از برِ دوش

Бар он сифат ки зи паҳлавии сари ду гӯши ҳмир

بر آن صفت که ز پهلوی سر دو گوش حمیر

зи ҳавли сблтшони ростии бтрсидм

ز هول سبلتشان راستی بترسیدم

Ба ғоятӣ ки шудам мубталои ранҷи зҳир

به غایتی‌که شدم مبتلای رنج زحیر

Кашони кашони ман ва он Тифли содаро бурданд

کشان‌ کشان من و آن طفل ساده را بردند

Ба сӯии ҳазрати қозӣ ки то кунад таъзир

به سوی حضرت قاضی‌ که تا کند تعزیر

Чу дида бар рухи ақсо алқзоаҳ кардам боз

چو دیده بر رخ اقصی‌القضاهٔ کردم باز

Шинохтам ба фаросат ки ҳаст зи аҳли съир

شناختم به فراست ‌که هست ز اهل سعیر

Ба пеш рафтам ва оҳиста гуфтамаш дар гӯш

به پیش رفتم و آهسته گفتمش در گوش

Ки эй ба фазлу адолат ба рӯи згори шаҳир

که ای به فضل و عدالت به رو‌زگار شهیر

Туе ки таъбия гаштаст дар маҳосини ту

تویی‌ که تعبیه ‌گشتست در محاسن تو

Қазои ҳоҷати як шаҳр аз қалилу касӣр

قضای حاجت یک شهر از قلیل و کثیر

Мароу ёр маро вораҳон азин ғавғо

مرا و یار مرا وارهان ازین غوغا

Ду бадара аз ман ва як бӯса зу ба ришва бигир

دو بدره از من و یک بوسه زو به رشوه بگیر

Ба ҷайби фикрати сари барад ва аз нишот намӯд

به جیب فکرت سر برد و از نشاط نمود

Табассумӣ на чунон кин ва он шаванд хабир

تبسمی نه چنان‌کاین و آن شوند خبیر

Пас аз замонӣ фармуд бо қроءи бути том

پس از زمانی فرمود با قراء‌بت تام

Чунон ки парда ъосм дариду ибни касӣр

چنان‌که پردهٔ عاصم درید و ابن‌کثیر

Ки эй ду мулҳиди млъўи Ни мари ин чаҳ ҳангома аст

که ای‌دو ملحد ملعو‌ن ‌مر این‌چه‌هنگامه است

Магар ба икдгр омехтед сӯсану сайр

مگر به یکدگر آمیختید سوسن و سیر

Ҷавоб додам кин Тифли содаро падараш

جواب دادم‌کاین طفل ساده را پدرش

Ба ман супурд ва барин шоҳиданд ҷами ғФир

به من سپرد و برین شاهدند جم غفیر

зи ман ба ҳукми сафоҳати Фроркрду саҳар

ز من به حکم سفاهت فرارکرد و سحر

Ба унф кардамаш андаракманди ҳукми асир

به عنف‌کردمش اندرکمند حکم اسیر

Варои зи ҳайбати ман сусти гашти банди азор

ورا ز هیبت من سست‌ گشت بند ازار

Чу мурғ дар қафас афтода баркашид сафир

چو مرغ در قفس افتاده برکشید صفیر

Шуданд халқи з ҳар гӯшаи ҷамъ ва барбастанд

شدند خلق ز هر گوشه جمع و بربستند

Ба ҳукми зоҳир бар зайли исматами тақсир

به حکم ظاهر بر ذیل عصمتم تقصیر

Чу ин шунид броФрохти ёл ва гуфт ба халқ

چو این‌ شنید برافراخت‌یال و گفت به خلق

Хабар диҳед зи ҳоли ҷавону ҳолати пер

خبر دهید ز حال جوان و حالت پیر

Гар ончӣ гуфт фалон рост гуфт ҷурмаш нест

گر آنچه‌گفت فلان‌راست گفت جرمش‌ نیست

Ки Тифл сода надорад зи хайри хоҳи гзир

که طفل ساده ندارد ز خیر خواه‌ گزیر

Чу майли серума ки дар серума дон кунанд фурӯ

چو میل سرمه‌که در سرمه‌دان‌کنند فرو

Крои шаҳодатӣ ар ҳаст гўкнди тақрир

کرا شهادتی ار هست‌گوکند تقریر

Ба иттифоқи сухани ҷумлаи мард ва зан гуфтанд

به اتفاق سخن جمله مرد و زن گفتند

Ки ончӣ гуфт фалон холӣаст аз тазвир

که آنچه‌گفت فلان خالی است از تزویر

Ҳадиси дидаи рҳокн ки ҳеҷ нашунидем

حدیث دیده رهاکن‌که هیچ نشنیدیم

Ҷузи онкии Тифли з дил баркашид нолаи зер

جز آنکه طفل ز دل برکشید نالهٔ زیر

Ду тарк сифла давиданд пеши к-эии қозӣ

دو ترک سفله دویدند پیش‌ کای قاضی

Марин давр аз адолат бикаш бабанд ва бигир

مرین دور از عدالت بکش ببند و بگیر

Магар ндонӣ кин куҳнаи ринди широзӣ

مگر ندانی‌ کاین‌ کهنه رند شیرازی

Чисони зи шасти шбқ бар нишона ронад тир

چسان ز شست شبق بر نشانه راند تیر

Дарраи рни шӯшаи симаш параст талқи равон

دره‌رن شوشهٔ سیمش پر است طلق روان

Казу ба бута глчҳргон кунад эксир

کزو به بوتهٔ‌گلچهرگان‌کند اکسیر

Кунун худои ҷаҳонаш гирифтааст ба хашм

کنون خدای جهانش گرفته است به خشم

Ту донеи инки худованд нест биҳдаҳи гир

تو دانی اینکه خداوند نیست بیهده‌گیر

Аз он муколамаи қозӣ бар он ду хашм гирифт

از آن مکالمه قاضی بر آن دو خشم‌گرفت

Чунонкӣ гоҳе тасбеҳ гуфту гуҳи такбир

چنانکه‌ گاهی تسبیح‌ گفت و گه تکبیر

Чу марду зани ҳамаи рафтанду базм холӣ шуд

چو مرد و زن همه رفتند و بزم خالی شد

Наҳуфта бар рухи он шӯх дид хирохир

نهفته بر رخ آن شوخ دید خیراخیر

Мароу ёри маро ҳар ду баради пешу нишонд

مرا و یار مرا هر دو برد پیش و نشاند

Гирифт дод дил аз бӯса зон бути Кашмӣр

گرفت داد دل از بوسه زان بت‌ کشمیر

Чунон ба хрзаҳи қозии зи шавқ раъша фитод

چنان به خرزهٔ قاضی ز شوق رعشه فتاد

Ки аз мҳобти султони қалам ба дасти дабир

که از مهابت سلطان قلم به دست دبیر

Бидон расед ки қозичаҳи брҷҳд аз ҷой

بدان رسید که قاضیچه برجهد از جای

Чу хусравони ситамкор бар шавад ба сарир

چو خسروان ستمکار بر شود به سریر

зи ҷои ҷустаму бозуи грФтмш ба ду даст

ز جای جستم و بازو‌ گرفتمش به دو دست

Казин муомила бигурезу панд ман бипазир

کزین معامله بگریز و پند من بپذیر

Ҳиҷоби шаръи Муҳамад мадрака напасандад

حجاب شرع محمد مدرکه نپسندد

Марои аи йени муомила дар ҳшркрдгори қадир

مرا ا ین معامله در حشرکردگار قدیر

Марои мубин ки фитоданд халқам аз дунбол

مرا مبین‌که فتادند خلقم از دنبال

Ки бҳрксби маломат ҳаме кунам тадбир

که بهرکسب ملامت همی‌کنم تدبیر

Марои маломати мардум ба табъ ширинаст

مرا ملامت مردم به طبع شیرینست

Бидон масоба ки андари мазоқи кӯдаки шер

بدان مثابه که اندر مذاق کودک شیر

Басӣ ба чеҳраи риндони остони Муғон

بسی به چهرهٔ رندان آستان مغان

Буд маҳол ки тағйир ёбад аз тъиир

بود محال ‌که تغییر یابد از تعییر

Агар ҳиҷоби малолати з пеш бархезад

اگر حجاب ملالت ز پیش برخیزد

Ҳуҷум халқ набинӣ магар ба кӯии фақир

هجوم خلق نبینی مگر به‌کوی فقیر

Чу сӯзи ишқи надории чгўимт ки ҷаъл

چو سوز عشق نداری چگویمت‌که جعل

Ба ҳукми табъ танаффур кунад зи буии абир

به حکم طبع تنفر کند ز بوی عبیر

Ҳадиси кӯдаку таркону қозӣ афсона аст

حدیث‌ کودک ‌و ترکان و قاضی افسانه است

Ки то ба хоб равад нафаси нобакори шарир

که تا به خواب رود نفس نابکار شریر

Ту нақди хеш ниҳон кун зи халқи Қоонӣ

تو نقد خویش نهان‌کن ز خلق قاآنی

Ки ноқидон муҳаббат муроқибанду басир

که ناقدان محبت مراقبند و بصیر