Расонади боди сабои муждаи баҳори имрӯз

رساند باد صبا مژدهٔ بهار امروز

зи тавба тавба намудем ҳазор бори имрӯз

ز توبه توبه نمودم هزار بار امروز

Ҳавои бисот зумуррад фиканд дар саҳро

هوا بساط زمرّد فکند در صحرا

Биё ки вақт нишотасту рўзкори имрӯз

بیا که وقت نشاطست و روزکار امروز

Саҳоб бар сари атфоли бӯстони борад

سحاب بر سر اطفال بوستان بارد

Ба ҷои қатраи ҳаме дар шоҳвори имрӯз

به جای قطره همی درٌ شاهوار امروز

зи накҳати гули сӯрӣу эътидоли ҳаво

ز نکهت‌ گل سوریّ و اعتدال هوا

Чаман муъоина монад ба кӯии ёри имрӯз

چمن معاینه ماند به کوی یار امروز

зи буии сунбулу таййиби бунафшаи хиттаи хок

ز بوی سنبل و طیب بنفشه خطهٔ خاک

Шудаст буми хтои соҳати ттори имрӯз

شدست بوم ختا ساحت تتار امروز

Ҳам аз тарашшӯҳи борони ҳам аз табассуми гул

هم از ترشح باران هم از تبسم‌گل

Хушаст вақти ҳарифони бодаи хори имрӯз

خوشست وقت حریفان باده‌خوار امروز

Бигир ҷоми зи соқӣ ки чархи миное

بگیر جام ز ساقی‌ که چرخ مینایی

з файз наУмия дорад ба сари хумори имрӯз

ز فیض نامیه دارد به سر خمار امروز

Ба буии онкии براردи зи хоки тираи ақиқ

به بوی آنکه برآرد ز خاک تیره عقیق

Шудаст абри шабаҳи ранг дар нисори имрӯз

شدست ابر شبه‌رنگ در نثار امروز

Шудаст нтъи зумурради зи абр рӯй замин

شدست نطع زمرّد ز ابر روی زمین

Ки то ба сабза хӯрд бода мегусор имрӯз

که تا به سبزه خورد باده میگسار امروز

Бадеъ нест дилогар ҷаҳонёни мустанад

بدیع نیست دلاگر جهانیان مستند

Бадеъ онкӣ нишастаст ҳӯшёри имрӯз

بدیع آنکه نشستست هوشیار امروز

зи акси талъати соқӣу бодаи гулгун

ز عکس طلعت ساقیّ و بادهٔ‌گلگون

Шудаст маҷлиси мо рашки лолаи зори имрӯз

شدست مجلس ما رشک لاله‌زار امروز

Ба ёдгори азизон буд баҳори азиз

به یادگار عزیزان بود بهار عزیز

Чу дӯст ҳаст чаҳ ҳоҷат ба ёдгори имрӯз

چو دوست ‌هست چه حاجت به ‌یادگار امروز

Бутии рабӯди дили ман ки пеши аҳли назар

بتی ربود دل من ‌که پیش اهل نظر

Мусалламаст ба хӯбӣ дар ин диёри имрӯз

مسلمست به خوبی در این دیار امروز

Батон агар ба мисли гулбун шукуфта руханд

بتان اگر به مثل‌ گلبن شکفته رخند

Буд ба ҳасану ҷамол ӯ чу навбаҳори имрӯз

بود به حسن و جمال او چو نوبهار امروز

Яке ба тарафи дмни даргузар ки Бернгарӣ

یکی به طرف دمن درگذر که برنگری

зи шарми талъат ӯ лолаи доғдори имрӯз

ز شرم طلعت او لاله داغدار امروز

Ту гӯйии онкии зи акси Рахши басити замин

تو گویی آنکه ز عکس رخش بسیط زمین

Чун танг Монӣ гардӣдапурнигор имрӯз

چون تنگ مانی‌گردیده پرنگار امروز

Баҳр чаҳ ком дил омад Музаффари ое агар

بهر چه کام دل آمد مظفر آیی اگر

зи даст ӯ бикашӣ дар шоҳвори имрӯз

ز دست او بکشی درّ شاهوار امروز

Бануш бода ва бигзор то бигӯед шайх

بنوش باده و بگذار تا بگوید شیخ

Ки нест ҳамчун равшани сёҳкори имрӯз

که نیست همچون‌ روشن سیاهکار امروز

Ба зиндагонии фардо чу эътимодат нест

به زندگانی فردا چو اعتمادت نیست

Ба айш кӯш ва миндиш зинҳор имрӯз

به عیش‌ کوش و میندیش زینهار امروز

Ба сайқал май равшани худоиро соқӣ

به صیقل می روشن خدای را ساقی

Бабри зи оинаи хотирами ғубори имрӯз

ببر ز آینهٔ خاطرم غبار امروز

зи нола то бабрии оби булбулони мутриб

ز ناله تا ببری آب بلبلان مطرب

Яке ба захмаи ранги торро бухори имрӯз

یکی به زخمه رنگ تار را بخار امروز

Ба фарқи маҷлисёни остини боди баҳор

به فرق مجلسیان آستین باد بهار

Бигир соқии гулчеҳрау бабори имрӯз

بگیر ساقی‌گلچهره و ببار امروز

Ки рахти баради зи офоқи ранҷу кидирату ғам

که رخت برد ز آفاق رنج و کدرت و غم

Ба табъ олам шуд айши созгори имрӯз

به طبع عالم شد عیش سازگار امروز

зи шҳрбнди бақои муждаи ҳаёти расонад

ز شهربند بقا مژدهٔ حیات رساند

Сабо ба қотибаи аҳли рӯзгори имрӯз

صبا به قاطبهٔ اهل روزگار امروز

Ба кохи аҳл саодат дамид гул аз шох

به ‌کاخ اهل سعادت دمید گل از شاخ

Ба чашми аҳл шақоват халид хори имрӯз

به چشم اهل شقاوت خلید خار امروز

Расад ба гӯши дили ин муждаам зи ҳотифи ғайб

رسد به ‌گوش دل این‌مژده‌ام ‌ز هاتف غیب

Ки гашти шери худованди шаҳриёри имрӯз

که گشت شیر خداوند شهریار امروز

Ба ҷои хотами пайғамбарон ба истеҳқоқ

به جای خاتم پیغمبران به استحقاق

Гирифт хоҷаи Каррӯбӣони қарори имрӯз

گرفت خواجهٔ کروبیان قرار امروز

Ба рағми душмани Иблиси ху падед омад

به رغم دشمن ابلیس‌خو پدید آمد

зи оштини хафои дасти кирдигори имрӯз

ز آشتین خفا دست‌ کردگار امروز

Ба инкисори ҷунуди хилофу лашкари куфр

به انکسار جنود خلاف و لشکر کفر

Бгшти рояти исломи ошкори имрӯз

بگشت رایت اسلام آشکار امروز

Ҳрончаҳ дар сипас парда буд кард аён

هرآنچه در سپس پرده بود کرد عیان

Ба пардаи дории исломи пардаи дори имрӯз

به پرده‌داری اسلام پرده‌دار امروز

Намӯд аз пас умрӣ ки буд биҳдаҳи гирд

نمود از پس عمری‌ که بود بیهده‌ گرد

Яке масири баҳақи чархи биқрори имрӯз

یکی مسیر بحق چرخ بیقرار امروز

Нишаст соҳиби мсндФрози мсндҳқ

نشست صاحب مسندفراز مسندحق

ШкФти фахру бпжмрди айбу ори имрӯз

شکفت فخر و بپژمرد عیب و عار امروز

Ба гирди нуқта имон кашид бор дигар

به‌گرد نقطهٔ ایمان‌کشید بار دگر

Муҳандиси азалии оҳанӣни ҳисори имрӯз

مهندس ازلی آهنین حصار امروز

Зкори бандии меъмори корхонаи ғайб

زکار بندی معمار کارخانهٔ غیب

Баннои дайни худои гашти устувори имрӯз

بنای دین خدا گشت استوار امروز

Сипеҳри нуқтаи таслиси нақши куфри стрд

سپهر نقطهٔ تثلیث نقش‌ کفر سترد

Ба гирди нуқта имон кунад мадори имрӯз

به‌گرد نقطهٔ ایمان‌کند مدار امروز

Ба қӣр таъна занад аз саводи чеҳрау дил

به قیر طعنه زند از سواد چهره و دل

Касе ки дам занад аз мҳрёри ғори имрӯз

کسی‌ که دم زند از مهریار غار امروز

Ба нафй ҳастӣ аъдо ба дасти қудрати ҳақ

به نفی هستی اعدا به دست قدرت حق

Гирифт сӯрат аз шакли зулфиқори имрӯз

گرفت صورت از شکل ذوالفقار امروز

Сазад ки шубҳа қавӣ гардад офариниш ро

سزد که شبهه قوی‌ گردد آفرینش را

Миёни зоти вайу офаридагори имрӯз

میان ذات وی و آفریدگار امروز

Ба каф гирифт чу мизони адли ходим ӯ

به‌کف‌گرفت چو میزان عدل خادم او

Ба як айёр равад лайл бо наҳор имрӯз

به یک عیار رود لیل با نهار امروز

зи бими шҳаҳи инсоф ӯ намонад дигар

ز بیم شحهٔ انصاف او نماند دگر

Сипоҳи ҳодисаро чораи ҷузи фирори имрӯз

سپاه حادثه را چاره جز فرار امروز

Фитод зилзилаи дркохи божгўнаҳи куфр

فتاد زلزله درکاخ باژگونهٔ ‌کفر

Аз ӯ чу хонаи дайни гашти пойдори имрӯз

از او چو خانهٔ دین‌ گشت پایدار امروز

Шҳншҳои маликои ганҷ хона ҳастӣ

شهنشها ملکا گنج‌خانهٔ هستی

Кунад ба гавҳари зоти ту ифтихори имрӯз

کند به‌گوهر ذات تو افتخار امروز

Ҳар он захира ки ганҷури офариниши рост

هر آن ذخیره که گنجور آفرینش راست

Ба пешгоҳ ҷалолат кунад нисори имрӯз

به پیشگاه جلالت کند نثار امروز

Расед бо хатари мавҷи киштии ислом

رسید با خطر موج‌ کشتی اسلام

Ба бодбонии лутфи ту бар канори имрӯз

به بادبانی لطف تو بر کنار امروز

ди ри он масоф ки гардад сипеҳри дашти ғзо

د‌ر آن مصاف ‌که ‌گردد سپهر دشت غزا

Ки шуд муҳаввали зоти тугиру дори имрӯз

که شد محوّل ذات توگیر و دار امروز

Паии муҳорибаи аспаҳбуди сипоҳи туе

پی محاربه اسپهبد سپاه تویی

Битоз дар сафи ҳиҷо ба иқтидори имрӯз

بتاز در صف هیجا به اقتدار امروز

Аннани минтақаи танги мҷраҳи зини ҳилол

عنان منطقه تنگ مَجَرّه زین هلال

Бигир ва б Разан бар хинги роҳвори имрӯз .

بگیر و ب‌رزن بر خنگ راهوار امروز.

Варати силаҳ ба кораст дашти чолиш ро

ورت سلاح به ‌کارست دشت چالش را

Ҳнт силаҳ сипорам ба мустаъори имрӯз

حنت سلاح سپارم به مستعار امروز

Синони ромҳу тири шаҳобу рояти меҳр

سنان رامح و تیر شهاب و رایت مهر

з ман бихоҳ агар бошиддат ба ар имрӯз

ز من بخواه اگر باشدت به‌‌ار امروز

Бимон ки гови заминро шктаҳи бинии шох

بمان ‌که‌ گاو زمین را شکته بینی شاخ

Ҳамеи зи стўти куполи гоўсори имрӯз

همی ز سطوت کوپال‌گاوسار امروز

Бимон ки шери фалакро даридаи бинии ноф

بمان ‌که شیر فلک را دریده بینی ناف

Ҳамеи зи новаки длдўзи ҷоншкори имрӯз

همی ز ناوک دلدوز جانشکار امروز

Бонги ҳелҳалаи прдлон дашт наб рад

بانگ هلهلهٔ پردلان دشت نب‌رد

Сазад ки зилзила уфтад ба кӯҳсори имрӯз

سزد که زلزله افتد به‌کوهسار امروز

Ба мумкиноти зи оғози даҳр то анҷом

به ممکنات ز آغاز دهر تا انجام

Ҷалоли бор худо гардад ошкори имрӯз

جلال بار خدا گردد آشکار امروز

Ту теғи бозӣу тозии буруни зи мкмни Рахш

تو تیغ بازی و تازی برون ز مکمن رخش

Ки мард кист ба майдони корзори имрӯз

که مرد کیست به میدان ‌کارزار امروز

Сипеҳри посухати орад ки ман ғуломи туам

سپهر پاسخت آرد که من غلام توام

Маро махоҳ азин теғи захмдори имрӯз

مرا مخواه ازین تیغ زخمدار امروز

Қазо ба мӯя диҳад посухат ки хоҳии баст

قضا به ‌مویه دهد پاسخت‌ که خواهی بست

зи хӯни ноижаҳи ман ба кафнигор имрӯз

ز خون نایژهٔ من به‌ کف نگار امروز

Кафан ба гардани кайвони зёраҳи брҷис

کفن به ‌گردن ‌کیوان زیارهٔ برجیس

Ки ҳаст аз ту марои чашм зинҳор имрӯз

که هست از تو مرا چشم زینهار امروز

Ҳамл чу шуълаи теғи туро назора кунад

حمل چو شعلهٔ تیغ ترا نظاره ‌کند

Кабоб гуяд гирдами азин шарори имрӯз

کباب‌گوید گردم ازین شرار امروز

Кунад мушоҳидаи хасмат чу қабзаи теғат

کند مشاهده خصمت چو قبضهٔ تیغت

Ба марг гуяд дардо шудам дўчори имрӯз

به مرگ ‌گوید دردا شدم دوچار امروز

зи бими тир ту гуяд аду ба мӯии мижа

ز بیم تیر تو گوید عدو به موی مژه

Ба чашм аз чаҳ зании бишмори хори имрӯз

به چشم از چه زنی بیشمار خار امروز

Ба рӯзи разми ту чархи барин хаёл кунад

به روز رزم تو چرخ برین خیال‌ کند

Ки ошкор шавад шӯриши шумори имрӯз

که‌ آشکار شود شورش شمار امروز

Сазад ҳукми ту бар рағми рӯбаҳони дағал

سزد حکم تو بر رغم روبهان دغل

Ба фарқи шерон оўн кунад маҳори имрӯз

به فرق شیران آون‌ کند مهار امروز

Бар он саманди ҷалолати чунонкӣ май доне

بر آن سمند جلالت چنانکه می‌دانی

Ки дар мъорк ҳастӣ туе савори имрӯз

که در معارک هستی تویی سوار امروز

Шабҳо манам ки зкиди замонаи ғзор

شبها منم‌که زکید زمانهٔ غذار

Шудам ба дидаи абнои даҳри хори имрӯз

شدم به دیدهٔ ابنای دهر خوار امروز

Ҳазор дибаҳи алвони зи табъи бофам ва нест

هزار دیبهٔ الوان ز طبع بافم و نیست

Маро ба тани зи атои тании дсори имрӯз

مرا به تن ز عطای تنی دثار امروز

Буд нишонаи тири маломати дунон

بود نشانهٔ تیر ملامت دونان

Ҳар онкии шоирӣ ӯро буд шиори имрӯз

هر آنکه شاعری او را بود شعار امروز

Касе ки шер ҷигар хоед аз мҳобт ӯ

کسی ‌که شیر جگر خاید از مهابت او

Шудаст сухраи Тифлони ширхори имрӯз

شدست سخرهٔ طفلان شیرخوار امروز

Таҳамтанӣ ки пели шикораши бадии шағолон ро

تهمتنی‌ که پیل‌ شکارش بدی شغالان را

Шудаст аз дар таййибати ҳамеи шикори имрӯз

شدست از در طیبت همی شکار امروز

Ба фазли гардани чархи барин бпичонм

به فضل‌گردن چرخ برین بپیچانم

Вале наёрам бо сифлаи гирудори имрӯз

ولی نیارم با سفله گیرودار امروز

Азизи Мисри вуҷӯдии азин фузун мапаснд

عزیز مصر وجودی ازین فزون مپسند

Ки мадҳи гӯй ту гардад ба даҳри хори имрӯз

که مدح‌گوی ‌تو گردد به دهر خوار امروز

Наме зи баҳри атоӣ ту хоҳад афзудан

نمی ز بحر عطای تو خواهد افزودن

Ҳазор ҳамчуи маниро ба эътибори имрӯз

هزار همچو منی را به اعتبار امروز

Ҳавои мадҳи туам буд умрӣ ва омад

هوای مدح توام بود عمری و آمد

Фалаки мусоиду иқболи созгори имрӯз

فلک مساعد و اقبال سازگار امروز

Ҳамеша то нстонди насибаи фардо

همیشه تا نستاند نصیبهٔ فردا

Касе ба қӯти бозуии ихтиёри имрӯз

کسی به قوّت بازوی اختیار امروز

Буд ба ҷоми ҳасуди сиёҳи косаи ту

بود به جام حسود سیاه ‌کاسهٔ تو

Ба коми хотири аҳбоби заҳри мори имрӯз

به ‌کام خاطر احباب زهر مار امروز