Паии назораи фаррухи ҳилоли иди сиём
پی نظاره فرّخ هلال عید صیام
Шудеми дӯши ману моҳи ман ба гӯшаи бом
شدیم دوش من و ماه من بهگوشهٔ بام
Фарози боми Фрозндаҳи қади мавзунаш
فراز بام فرازنده قد موزونش
Дарахт тӯбо гуфтӣ ба сидра карда мақом
درخت طوبی گفتی به سدره کرده مقام
Чу нури моҳ ки тобади зи пушти абри сифед
چو نور ماه که تابد ز پشت ابر سفید
зи пушти ҷомаи аёнаши сипедии андом
ز پشت جامه عیانش سپیدی اندام
Ду тозаи хдши зери ду зулфи ғолияи бӯ
دو تازه خدش زیر دو زلف غالیهبو
Ду тираи холаши зери ду ҷаъди ғолияи фом
دو تیره خالش زیر دو جعد غالیهفام
Ду лолаи зери ду сунбули ду рӯзи зери ду шаб
دو لاله زیر دو سنبل دو روز زیر دو شب
Ду нури зери ду зулмати ду субҳи зери ду шом
دو نور زیر دو ظلمت دو صبح زیر دو شام
Ду нофаи зери ду анбари ду нуқтаи зери ду ҷим
دو نافه زیر دو عنبر دو نقطه زیر دو جیم
Ду ҳубаи зери ду хирмани ду донаи зери ду дом
دو حبّه زیر دو خرمن دو دانه زیر دو دام
Ба гӯш гуфтамаш эй маи ҷамол хеш бапуш
به گوش گفتمش ای مه جمال خویش بپوش
зи баҳр онкӣ набенанд чеҳраи ту авом
ز بهر آنکه نبینند چهرهٔ تو عوام
Рухи ту моҳи дўҳФтаҳ ! сет вагар бибинандаш
رخ تو ماه دوهفته !ست وگر ببینندش
Гумон баранд ки як нимаи рафтаи моҳи сиём
گمان برند که یک نیمه رفته ماه صیام
Чу субҳгоҳ шавад ҷумлагӣ ба одати хеш
چو صبحگاهشود جملگیبهعادتخویش
Шаванд ҷамъ ва шаҳодат диҳанд назд эмом
شوند جمع و شهادت دهند نزد امام
Ба ханда гуфт ту банӣ ҳилолро гуфтам
به خنده گفت تو بنی هلال را گفتم
Ҳилолро чаканам бо вуҷӯди моҳи тамом
هلال را چکنم با وجود ماه تمام
Турои назар ба сӯии осмони маро ба замин
ترا نظر به سوی آسمان مرا به زمین
Муроди ту маи ноқиси муроди ман маи том
مراد تو مه ناقص مراد من مه تام
Пас аз ду абрӯии тугар ҳилолро нагарм
پس از دو ابروی تو گر هلال را نگرم
Ба шубҳаи уфтам каз ин се моҳи иди кадом
به شبهه افتم کز این سه ماه عید کدام
Чу ин бигуфтам пинҳон ба зер лаб дидам
چو این بگفتم پنهان به زیر لب دیدم
Ки нарми нармакам аз меҳр медиҳад дашном
که نرم نرمکم از مهر میدهد دشنام
Ки ин ҳкимки гӯйии паямбар шеър аст
که این حکیمک گویی پیمبر شعر است
Ки мӯъҷизот сухан мешавад бадви илҳом
که معجزات سخن میشود بدو الهام
Сухани дароз чаҳ ронам чу хур нишаст ба кӯҳ
سخن دراز چه رانم چو خور نشست به کوه
Чу зарди ширии ғжмон ки дршўд ба кном
چو زرد شیری غژمان که دَرشود به کنام
Ба чарх бар зибри моҳ нав намӯд шафақ
به چرخ بر زبر ماه نو نمود شفق
Чу сурх меки занад мавҷу резад аз лаби ҷом
چو سرخ می که زند موج و ریزد از لب جام
Ҳилол дид муҳими вази аномли мхзўб
هلال دید مهم وز انامل مخضوب
Ҳамеи ниҳоди ду фундуқи фарози ду бодом
همی نهاد دو فندق فراز دو بادام
Суол кард ки ин моҳ дар чаҳ бояд дид
سوال کرد که این ماه در چه باید دید
Чаҳ воридаст дарин боб аз расӯли аном
چه واردست درین باب از رسول انام
БгФтмш ки набӣ гуфта ҳар ки бар кафи даст
بگفتمش که نبی گفته هر که بر کف دست
Бибинад ин ма некӯ равад бар ӯ айём
ببیند این مه نیکو رود بر او ایام
Бигуфт пас ба кафи дасти шоҳ бояд дид
بگفت پس به کف دست شاه باید دید
Ки қабзу басти қазоро ба даст ӯст зимом
که قبض و بسط قضا را به دست اوست زمام
Ягонаи хусрави Мансури Носириддини шоҳ
یگانه خسرو منصور ناصرالدین شاه
Ки чори рукни ҷаҳонро ба адл ӯст қавом
که چار رکن جهان را به عدل اوست قوام
Раҳин хизмат ӯйанд дар замини абадон
رهین خدمت اویند در زمین ابدان
Мутӣъ ҳазрат ӯйанд бар фалаки аҷром
مطیع حضرت اویند بر فلک اجرام
Шаҳӣ ки аз паии таъзими хами шўдкоФр
شهیکه از پی تعظیم خم شودکافر
Ба ҳркҷокаҳ кунад рости рояти ислом
به هرکجاکهکند راست رایت اسلام
Ба бар зи золи зар аз захми гурз ӯ зилзол
بهبر ز زال زر از زخم گرز او زلزال
Ба мағзи соми ял аз саҳми теғ ӯ сарсом
به مغز سام یل از سهم تیغ او سرسام
Зиҳии бенон ту дар базми абри гавҳари рез
زهی بنان تو در بزم ابر گوهر ریز
Зиҳии синони ту дар разми барқи хӯни ошом
زهی سنان تو در رزم برق خونآشام
Бақои хасму шомист каш набошад субҳ
بقای خصم و شامیست کش نباشد صبح
Ҷамоли бахти ту сбҳист каш набошад шом
جمال بخت تو صبحیست کش نباشد شام
Ба ранги шох бқм гашта ҷисми ҳосиди ту
به رنگ شاخ بقم گشته جسم حاسد تو
зи бас ки хӯни дилаш бо арақ чакад зи мсом
ز بس که خون دلش با عرق چکد ز مسام
Агарна нӯки синони ту хӯн ва мағз адуаст
اگرنه نوک سنان تو خون و مغز عدوست
Чу мағз ва хӯн равадаш аз чаҳ дар урӯқу изом
چو مغز و خون رودش از چه در عروق و عظام
Блорки ту псръм зулфиқор алӣаст
بلارک تو پسرعم ذوالفقار علیست
Ки чун кашида шавад теғҳо равад ба ниёам
که چون کشیده شود تیغها رود به نیام
Чу гоҳўораҳи шабу рӯзи чарх аз он ҷунбад
چو گاهواره شب و روز چرخ از آن جنبد
Ки Тифли бахт ту гирад зи ҷунбишаши ором
که طفل بخت تو گیرد ز جنبشش آرام
Муҳӣти доираи офариниши зонрў
محیط دایرهٔ آفرینش زانرو
Турои замона на оғози дида на анҷом
ترا زمانه نه آغاز دیده نه انجام
Кафофи ҷӯад ва ҳастӣ диҳад ба шахси адам
کفاف جود و هستی دهد به شخص عدم
Ифофи адли ту мастии баради зтбъи мудом
عفاف عدل تو مستی برد زطبع مدام
Ҷанин ба рӯзи набардати дубора нутфа шавад
جنین به روز نبردت دوباره نطفه شود
Дмон ба пушт падар пуед аз мшимаҳи моам
دمان به پشت پدر پوید از مشیمهٔ مام
зи назми адл ту набӯд аҷаб ки марворид
ز نظم عدل تو نبود عجب که مروارید
Кашад табиаташи андари садаф ба силки низом
کشد طبیعتش اندر صدف به سلک نظام
зи бонги кӯси ту гӯши замонаи рости смм
ز بانگ کوس تو گوش زمانهراست صمم
зи буии халқи ту мағзи фириштаи рости зуком
ز بوی خلق تو مغز فرشته راست زکام
Ҳамеша токаи тавон иртифоъи шси шинохт
همیشه تاکه توان ارتفاع شس شناخت
зи насби шохису зилли асобъу иқдом
ز نصب شاخص و ظل اصابع و اقدام
Чунон рафеъ буд офтоби давлати ту
چنان رفیع بود آفتاب دولت تو
Ки хира монад дар иртифоъ ӯ авҳом
که خیره ماند در ارتفاع او اوهام
Буд ба ҷавҳари шамшери ту қиёми зафар
بود به جوهر شمشیر تو قیام ظفر
Ҳамеша то ки арзро ба ҷавҳараст қиём
همیشه تا که عرض را به جوهرست قیام