зи як ғамзаи рабӯдаи дили зи ман он моҳи симини тан
ز یک غمزه ربوده دل ز من آن ماه سیمینتن
Буд чашмони ҷодӯяш чу чашми оҳӯони пари фан
بود چشمان جادویش چو چشم آهوان پر فن
Агар вақте сабои он зулфи мишкӣнро кунад афшон
اگر وقتی صبا آن زلف مشکین را کند افشان
Шавад пари домани гетии зи машку анбару лодан
شود پُر دامنگیتی ز مشک و عنبر و لادن
Буд рӯзам чу мӯӣ ӯ зи ҳиҷраши тирау дарҳам
بود روزم چو موی او ز هجرش تیره و درهم
Буд ашкам чу ишқ ӯ зи меҳраши сайл бунён кун
بود اشکم چو عشق او ز مهرش سیل بنیانکن
Гирифтори ин дили шайдо ба банди дилбари раъно
گرفتار این دل شیدا به بند دلبر رعنا
Шудам аз ишқ ӯ расво ба ҳар водӣ ва ҳар барзан
شدم از عشق او رسوا به هر وادی و هر برزن
Дилам зон синаи симин буд чун озари брзин
دلم زان سینهٔ سیمین بود چون آذر برزین
Рухам аз ашки гулнорӣ ба лаъли ноби шнъти зан
رخم از اشک گلناری به لعل ناب شنعت زن
Ки дидаи чашмаи ширини миёни хирмани оташ
که دیده چشمهٔ شیرین میان خرمن آتش
Ки дидаи лаъли румонии зи марвориди обистан
که دیده لعل رمّانی ز مروارید آبستن
Бидон сони кондҳони нӯш дар он рӯй чун сӯрӣ
بدانسان کاندهان نوش در آن روی چون سوری
Чунон кони ришта дандон бидон лаъл чу бҳромн
چنان کان رشتهٔ دندان بدان لعل چو بهرامن
Шунидӣ ҳиндӯеи кофари макон дар хонаи мусаллам
شنیدی هندویی کافر مکان در خانهٔ مُسلم
Шунидӣ афъӣии печон буд дар оташаши маскан
شنیدی افعیی پیچان بود در آتشش مسکن
Чу бар симои зебояши дўгисўии зираи осо
چو بر سیمای زیبایش دوگیسوی زرهآسا
Чу бар рӯй санами рангаши ду зулфин чу аҳрӣман
چو بر روی صنم رنگش دو زلفین چو اهریمن
Надидам сарви бастоне ки орад бар ҳамеи сунбул
ندیدم سرو بستانی که آرد بر همی سنبل
Надидам меҳри тобандаи براردи сари зи пероҳан
ندیدم مهر تابنده برآرد سر ز پیراهن
Чунон кони қомати мавзуни он сарви замирони мӯ
چنان کان قامت موزون آن سرو ضمیران مو
Чунон кони чеҳраи рхшои он тарки бришми тан
چنان کان چهرهٔ رخشای آن ترک بریشم تن
Нишоед як тани воҳдкнди даъвии султонӣ
نشاید یک تن واحدکند دعوی سلطانی
Нишоед як тан танҳо ба ҳукмаши ҷумлаи марду зан
نشاید یک تن تنها به حکمش جمله مرد و زن
Магари шҳзодаҳи даврон ки ҳаст аз дӯдаи хоқон
مگر شهزادهٔ دورانکه هست از دودهٔ خاقان
Ҳисомаши оташи сӯзони синонаш бар дарди ҷавшан
حسامش آتش سوزان سنانش بر دَرَد جوشن
Мар ӯро ном дар олами зи хоқон Комрон омад
مر او را نام در عالم ز خاقانکامران آمد
Ҳамораи Комрони бодои зи лутфи холиқи зўолмн
همارهکامران بادا ز لطف خالق ذوالمن
Зиҳӣ аз партави рӯйиши арӯси маликро зевар
زهی از پرتو رویش عروس ملک را زیور
Хҳӣ аз тобиши райши замину осмони равшан
خهی از تابش رایش زمین و آسمان روشن
зи холу ҷаъди мишкӣнаш ба шнъти дилбари хлх
ز خال و جعد مشکینش به شنعت دلبر خلّخ
з рӯйу тоқи абрӯяш ба хиҷлати шоҳиди армн
ز روی و طاق ابرویش به خجلت شاهد ارمن
Буд он хати мишкӣнаши яке занҷири ҷони Фрсо
بود آن خط مشکینش یکی زنجیر جانفرسا
Буд он ҳиндӯии холаши яке ҷодӯии пари ҷўзн
بود آن هندوی خالش یکی جادوی پر جوزن
Ба рӯзи базм дар айвон диҳад сад махзани қорун
به روز بزم در ایوان دهد صد مخزن قارون
Ба рӯзи разм дар майдон ба хоки оради тани Қоран
به روز رزم در میدان به خاک آرد تن قارن
зи ҷўдш ҳар расани рейсӣ ба кохаши ганҷи бодоўр
ز جودش هر رسنریسی بهکاخشگنج بادآور
зи базлаши ҳркшоўрзӣ чу қорун бошадаш махзан
ز بذلش هرکشاورزی چو قارون باشدش مخزن
зи теғаши пайкари Қорани қарини хоки зулмоне
ز تیغش پیکر قارن قرین خاک ظلمانی
зи тираши синаи баҳмани мушаббаки ҳамчуи полоўн
ز تیرش سینهٔ بهمن مشبک همچو پالاون
зи гирд мураккабон гардад ҳаво чун абри қирогўн
ز گَرد مرکبان گردد هوا چون ابر قیراگون
зи хӯн прдлон гардад замин чун кони бҳромн
ز خون پردلانگردد زمین چونکان بهرامن
Ба ҳарҷо бенгарӣ бинии далериро зи зини ворун
به هرجا بنگری بینی دلیری را ز زین وارون
Ба ҳрсў бигузарӣ ёбии шуҷоъӣ аз фарси оўн
به هرسو بگذری یابی شجاعی از فرس آون
Шавад аз хӯни ҳамеи дарё дар ояд ҳар танӣ аз по
شود از خون همی دریا در آید هر تنی از پا
Чу ояд дар сафи ҳиҷокшд дар зери зини тавсан
چو آید در صف هیجاکشد در زیر زین توسن
Чу хашми оради ҳамеи бинӣ ба ҳрсўи пайкарӣ бе сар
چو خشم آرد همی بینی به هرسو پیکری بیسر
Чу рӯи оради ҳамеи ёбӣ ба ҳарҷо торакӣ бе тан
چو رو آرد همی یابی به هرجا تارکی بیتن
Рсдкии тавсани ваҳмам дар иқлӣми сифот ӯ
رسدکی توسن وهمم در اقلیم صفات او
Ҳамон беҳтари фурӯи бандами лаб аз ин гуфтугӯҳо ман
همان بهتر فرو بندم لب از این گفتگوها من
Пас инак дар дуо кӯшам ки гаштами оҷизу монда
پس اینک در دعا کوشمکه گشتم عاجز و مانده
Барои одами оҷизи дуои мақбулу мстҳсн
برای آدم عاجز دعا مقبول و مستحسن
Ҳаме то рӯз ва шаб ояд диҳад он нур ва ин зулмат
همی تا روز و شب آید دهد آن نور و این ظلمت
Муҳибаш бо дили хуррами ҳасудашро шарар дар тан
محبّش با دل خرّم حسودش را شرر در تن