Халқро чун офарид аз лутфи халлоқи ҷаҳон

خلق را چون آفرید از لطف خلاق جهان

Дод гӯшу чашму лаби поу сару дасту забон

داد گوش و چشم و لب پا و سر و دست و زبان

То ки гӯшӣ нашунӯд ҷузи мадҳати дорои аҳд

تا که گوشی نشنود جز مدحت دارای عهد

То набинад дида ӣӣ ҷузи талъати шоҳи ҷаҳон

تا نبیند دیده‌یی جز طلعت شاه جهان

То лабӣ аз ҳам наҷунбад ҷуз ба мадҳи шаҳриёр

تا لبی از هم نجنبد جز به مدح شهریار

Тока пое насупурд раҳи ҷузи раҳи он остон

تاکه پایی نسپرد ره جز ره آن آستان

То набошад дар сиррии ҷузи шавқи султони змн

تا نباشد در سری جز شوق سلطان زمن

То на дастии ҷуз ки бар домони дорои замон

تا نه دستی جز که بر دامان دارای زمان

Хосса аз рӯзи азал зон рӯи забонро нутқ дод

خاصه از روز ازل زان رو زبان را نطق داد

Ков наёяд дар сухани ало ба мадҳи қаҳрамон

کاو نیاید در سخن الا به مدح قهرمان

Қаҳрамони малики ҷамшедии Баҳодури шаҳи ҳасан

قهرمان ملک جمشیدی بهادر شه حسن

Онкӣ зад харгоҳи иззат бар фарози ломакон

آنکه زد خرگاه عزّت بر فراز لامکان

Назд ӯ вқрӣ набошад размро бо рӯзи базм

نزد او وقری نباشد رزم را با روز بزم

Пеш аз фарқӣ надорад ошкоро ё ниҳон

پیش از فرقی ندارد آشکارا یا نهان

Хиштӣ аз даргоҳ ӯрогар ба сад қисмат кунанд

خشتی از درگاه او را گر به صد قسمت ‌کنند

Гардад аз ҳар пораи хиштии аёни сад осмон

گردد از هر پارهٔ خشتی عیان صد آسمان

Бо бар ва брзш сазад Бурзу диҳад ибрози брз

با بر و بُرزش سزد برزو دهد ابراز بُرز

Бо тавон ӯ тавон гуфтани Таҳамтанро навон

با توان او توان‌ گفتن تهمتن را نوان

эй Каюмарси ҷаҳони Ҳушанги тҳмўрси назир

ای ‌کیومرث جهان هوشنگ تهمورس نظیر

Ваии Фаридуни замони ҷамшеди касрии посбон

وی فریدون زمان جمشید کسری پاسبان

Неи туро дар сад қирони гетии намояди як қарин

نی تو را در صد قران گیتی نماید یک قرین

Неи туро бо сад қарини гардуни расонади як қирон

نی تو را با صد قرین‌ گردون رساند یک قران

Хатм . Ро аз кафи Аннани ваз по равад беруни рикоб

ختم. را از کف عنان وز پا رود بیرون رکاب

Чун кунӣ по дар рикоб ва чун ба кафгирӣ Аннан

چون کنی پا در رکاب و چون به کف گیری عنان

Базл бо табъи тўгўё зодаанд аз як шикам

بذل با طبع توگویا زاده‌اند از یک شکم

Ҷӯи д бо дасти ту монои омдстии туамон

جو‌د با دست تو مانا آمدستی توأمان

Қаҳру лутфатро буд қудрат ки ангезад ба феъл

قهر و لطفت را بود قدرت ‌که انگیزد به فعل

Оташи брзини зи дарёи оби замзам аз духон

آتش برزین ز دریا آب زمزم از دخان

Гар зи ҳукми нофизат гардан бипечад рӯзгор

گر ز حکم نافذت‌ گردن بپیچد روزگار

Осмон бар гарданаши бандади таноб аз каҳкашон

آسمان بر گردنش بندد طناب از کهکشان

Чист дар дасти ту он лаъибат ки дар ҳангоми сайр

چیست‌در دست تو آن لعبت‌که در هنگام سیر

Ҳамчуи мстсқӣ буд ҷӯёии об аз ҳар карон

همچو مستسقی بود جویای آب از هر کران

То надарӣ мари даҳонашро наёяд дар сухан

تا ندری مر دهانش را نیاید در سخن

То набарӣ мари забонашро наёяд дар баён

تا نبری مر زبانش را نیاید در بیان

Пайкараш сақлобӣасту чеҳраи зангии лоҷарам

پیکرش سقلابی است و چهره زنگی لاجرم

Гуҳ ба сӯй разм тозад гуҳ ба сӯии қирвон

گه به سوی رزم تازد گه به سوی قیروان

Дар низоми мамлакат чун толии теғ ту шуд

در نظام مملکت چون تالی تیغ تو شد

Ҳам ниғш зон сб ҷо дода бе андари бенон

هم نیغش زان سب جا داده‌بی اندر بنان

Шаҳрёрогар бад-ӣни сон тарбият фармойем

شهریارا گر بدین‌سان تربیت فرماییم

Бас напояд кам сано гуяд ҳакими Ширвон

بس نپاید کم ثنا گوید حکیم شیروان

Дай ки бӯседам замин зон пас ки хондам назми хеш

دی که بوسیدم زمین زان پس که خواندم نظم خویش

Хўошми зии бангаи вайрони ми д . Гирдами равон

خواشم زی بنگه ویران م‌د.گردم روان

Дид дркрёси даргоҳати марои сардори аср

دید درکریاس درگاهت مرا سردار عصر

Онкӣ то ҷовиди бод ӯро ҳаёти ҷовдон

آنکه تا جاوید باد او را حیات جاودان

Бонг зад қоонё биншин замонӣ то ту ро

بانگ زد قاآنیا بنشین زمانی تا تو را

Чанд мазмун дар мдиҳ Подшаҳ бидиҳам нишон

چند مضمون در مدیح پادشه بدهم نشان

Пас мстр кард сатрӣ чанд бар қртоси зар

پس مسطر کرد سطری چند بر قرطاس زر

Зон мазоминӣ ки кардам назм дар садри баён .

زان مضامینی ‌که ‌کردم نظم در صدر بیان.

Вонгҳм фармуд гар гуфтӣ бад-ӣни тарзу тариқ

وانگهم فرمود گر گفتی بدین طرز و طریق

Зар фишонам ин чунину сими бахшами ончунон

زر فشانم این چنین و سیم بخشم آنچنان

Ман ба посух арз кардам эй аҷаб кандар тхст

من‌ به‌ پاسخ ‌عرض ‌کردم‌ ای‌ عجب کاندر تخست

Гавҳари афшонӣ ба ман аз мадҳи шоҳи Комрон

گوهر افشانی به من از مدح شاه‌ کامران

Баъди базли гавҳарам миннат наҳй аз симу зар

بعد بذل‌گوهرم منت نهی از سیم و زر

Баъди ҷӯад лаҷа ам макунат диҳӣ аз обдон

بعد جود لجه‌ام مکنت دهی از آبدان

Ҳақ ҳаме донад нагуфтам бар умед ончӣ гуфт

حق همی داند نگفتم بر امید آنچه ‌گفت

Ҷузи зи баҳри амтсолу ҷузи зи баҳри имтиҳон

جز ز بهر امتثال و جز ز بهر امتحان

То пас аз ҳар фасл дай гардад баҳории ошкор

تا پس از هر فصل دی ‌گردد بهاری آشکار

То ки баъд аз ҳар баҳории фасл дай гардад аён

تا که بعد از هر بهاری فصل دی گردد عیان

Дшмнонтро хазоне боди лекин бе баҳор

دشمنانت را خزانی باد لیکن بی‌بهار

Дӯстонатро баҳории боди лекин бе хазон

دوستانت را بهاری باد لیکن بی‌خزان