Боз бо съўаҳ надонам з чаҳ рӯ ром гирифт

باز با صعوه ندانم ز چه رو رام ‌گرفت

Бозгитии магар аз адли шаҳ ором гирифт

بازگیتی مگر از عدل شه آرام‌گرفت

Онкӣ чун оташи оин сӯхт ба маи тоби афканд

آنکه چون آتش آین سوخت به مه‌تاب افکند

Вонкаҳ чун миҷмара афрӯхт зи ҷам ҷом гирифт

وآنکه چون مجمره افروخت ز جم جام‌ گرفت

Ҳомии миллати исломи ҳасани шаҳ ки ба даҳр

حامی ملت اسلام حسن شه‌ که به دهر

Равнақ аз ханҷар ӯ миллат ислом гирифт

رونق از خنجر او ملت اسلام گرفت

о наки аз теғ ялӣ шуд зи ялони синаи шикоф

آ‌نکه از تیغ یلی شد ز یلان سینه شکاف

Вонкаҳи куполи гарони азкФ баҳром гирифт

وآنکه کوپال گران ازکف بهرام گرفت

Қадари бозори садаф аз гуҳари нутқи шикаст

قدر بازار صدف از گهر نطق شکست

Равнақи абркрми азкФ икром гирифт

رونق ابرکرم ازکف اکرام‌گرفت

Қойили дониш ӯ қавли қазои хори шимурд

قایل دانش او قول قضا خوار شمرد

Сухани пухта ӯ ҳарфи қадар хом гирифт

سخن پختهٔ او حرف قدر خام‌ گرفت

Саъй ӯ маънии таҳдиди зи инзори рабӯд

سعی او معنی تهدید ز انذار ربود

Ҷад ӯ ояи таҷдид золҳом гирифт

جِدّ او آیهٔ تجدید زالهام‌ گرفت

Бар дараш бонии гардуни зи азали садии баст

بر درش بانی ‌گردون ز ازل سدی بست

Роҳ омад шуд беҳосил авҳом гирифт

راه آمد شد بی‌حاصل اوهام‌ گرفت

Рӯзи новирди кулоҳ аз сари Гаршосб , рабӯд

روز ناورد کلاه از سر گرشاسب‌، ربود

Даргаи кӣнаи синон аз каф раҳоам гирифт

درگه ‌کینه ‌سنان از کف رهام گرفت

Ҳар чаҳ афзуди фалаки қимати колои ҳунар

هر چه افزود فلک قیمت‌ کالای هنر

Муштарӣ шуд вай ва аз маҷмаъ ҳангом гирифт

مشتری شد وی و از مجمع هنگام‌ گرفت

эй ки чарх аз равиши азми ту омухти шитоб

ای‌ که چرخ از روش عزم تو آموخت شتاب

эй ки хок аз мадади ҳзми ту ором гирифт

ای ‌که خاک از مدد حزم تو آرام گرفت

Буд ангушт намой ҳамаи хасмат зон рӯ

بود انگشت نمای همه خصمت زان رو

Хешро аз Фрғи бأси ту гумном гирифт

خویش را از فرغ بأس تو گمنام‌ گرفت

ИМАот аз вҷъ ҳамл биноланд ҳаме

امهات از وَجَع حمل بنالند همی

Баъд на ма ки зФи ҷой дар арҳом гирифт

بعد نه مه که ظف جای در ارحام گرفت

Нутфаи хасми ту ноомада аз сулби бурун

نطفهٔ خصم تو ناآمده از صلب برون

Ки з шавамяш вҷъ дар раҳм моам гирифт

که ز شومیش وجع در رحم مام‌ گرفت

Қатраи абр чу дасти гуҳар афшонат дид

قطرهٔ ابر چو دست‌ گهر افشانت دید

Қаҳқаро шуд ба фалаки сӯрат аҷром гирифт

قهقرا شد به فلک صورت اجرام گرفت

Кӯҳ аз фару шикваи ту ба пои банди ниҳод

کوه از فرّ و شکوه تو به پا بند نهاد

Чарх аз бأси ту таби ларза бар андом гирифт

چرخ از بأس‌ تو تب لرزه بر اندام گرفت

Рӯзро рои ту дар арса изҳор оварад

روز را رای تو در عرصهٔ اظهار آورد

Шомро қаҳри ту дар парда азлом гирифт

شام را قهر تو در پردهٔ اظلام‌گرفت

Даҳраи қаҳри ту дар даҳр чу шуд заҳролӯд

دَهرهٔ قهر تو در دهر چو شد زهرآلود

Бо тани Зуҳраи сифати Зуҳра зрғом гирифт

با تن زهره صفت زهرهٔ ضرغام‌ گرفت

Кард дар мартабаи зоти вуҷӯди ту суъӯд

کرد در مرتبهٔ ذات وجود تو صعود

Раст аз қайди ҳаюлои раҳ ибҳом гирифт

رست از قید هیولا ره ابهام‌ گرفت

Ҳркҷои қаҳри ту дар дидаи аъдо раҳ ёфт

هرکجا قهر تو در دیدهٔ اعدا ره یافت

Ҳоли бедоришони сӯрат аҳлом гирифт

حال بیداریشان صورت احلام گرفت

Силам аз латмаи купол ту бигирифт даввор

سلم از لطمهٔ‌ کوپال تو بگرفت دُوار

Сом аз садамаи самсоми т ва сарсом гирифт

سام از صدمهٔ صمصام ت‌و سرسام‌ گرفت

Фаръи анҷоми зи асли ту пазируфти оғоз

فرع انجام ز اصل تو پذیرفت آغاز

Нафаси оғози ҳам аз калаки ту анҷом гирифт

نفس آغاز هم از کلک تو انجام گرفت

Чарх аз абраши азми ту равиши орӣаи сохт

چرخ از ابرش عزم تو روش عاریه ساخت

Меҳр аз талъати раъии ту зё вом гирифт

مهر از طلعت رأی تو ضیا وام ‌گرفت

Аз сафои маърифати кӯй тўгрдўн дарёфт

از صفا معرفت‌کوی توگردون دریافت

Каъба вааш дар ҳарами ҷоҳи ту эҳром гирифт

کعبه وش در حرم جاه تو احرام‌ گرفت

Малики мадҳи ту мусаххар накунад Қоонӣ

ملک مدح تو مسخر نکند قاآنی

Гарчи аз теғи сухани арса айём гирифт

گرچه از تیغ سخن عرصهٔ ایام‌گرفت

То буд номи бақои номи ту боқии бодо

تا بود نام بقا نام تو باقی بادا

Зонка аз номи бақои ту бақо ном гирифт

زانکه از نام بقای تو بقا نام‌گرفت