Дили ту хорау ҷисмати ҳарирро монад

دل تو خاره و جسمت حریر را ماند

Рахти ситорау зулфати абирро монад

رخت ستاره و زلفت عبیر را ماند

Рухам чу зулфи ту парчин шудасту шодами азин

رخم چو زلف تو پرچین شدست و شادم ازین

Ки мӯии ёри ҷавон рӯй перро монад

که موی یار جوان روی پیر را ماند

Чунин ки рӯй ту дар шоми зулф ҷилва кунад

چنین که روی تو در شام زلف جلوه کند

Мусалламаст ки моҳи мунирро монад

مسلمست که ماه منیر را ماند

Бад-ӣни сифат ки сари афкандаи зулфи пеши рахт

بدین صفت که سر افکنده زلف پیش رخت

Ситодаи пеши тавонгари фақирро монад

ستاده پیش توانگر فقیر را ماند

Ту шоҳи лашкари ҳасанӣу синау дили ман

تو شاه لشکر حسنی و سینه و دل من

Ба боргоҳи ту таблу нафирро монад

به بارگاه تو طبل و نفیر را ماند

Чисони зи дасти ғамати сайди дил халос шавад

چسان ز دست غمت صید دل خلاص شود

Ки мижаҳои ту як ҷаъбаи тирро монад

که مژه‌های تو یک جعبه تیر را ماند

Сарири оҷ ки гӯйанд дошт хусрави ҳинд

سریر عاج که گویند داشت خسرو هند

Сарин симброни он сарирро монад

سرین سیمبران آن سریر را ماند

зи хандаи гул ва аз рақс сарв маълумаст

ز خندهٔ گل و از رقص سرو معلومست

Ки боди субҳ ба бустони бширро монад

که باد صبح به بستان بشیر را ماند

зи бас дар он тани нозук фурӯ равад ангушт

ز بس در آن تن نازک فرو رود انگشت

Гумони барӣ ки саропои хамирро монад

گمان بری که سراپا خمیر را ماند

Латифаҳои вай аз бас ки чарб ва ширинаст

لطیفه‌های وی از بس که چرب و شیرینست

Агар ғалат накунам шаҳду шерро монад

اگر غلط نکنم شهد و شیر را ماند