Нигор сарви қади ман чу азм боғ кунад

نگار سرو قد من چو عزم باغ کند

Чу барги лолаи дили боғи пари з доғ кунад

چو برگ لاله دل باغ پر ز داغ کند

Ба боғ меравад имрӯзи не ғалат гуфтам

به باغ می‌رود امروز نی غلط گفتم

Ки ҳркҷои бхромди зи чеҳра боғ кунад

که هرکجا بخرامد ز چهره باغ کند

Пар аз бунафша шавад роғ аз ду гесуяш

پر از بنفشه شود راغ از دو گیسویش

Агар ба фасли зимистони гузар ба роғ кунад

اگر به فصل زمستان گذر به راغ کند

зи дилрабоеи чашмаши шароб маст шавад

ز دلربایی چشمش شراب مست شود

Дар он замон ки май аз шиша дар аёғ кунад

در آن زمان که می از شیشه در ایاغ کند

Чу зулфи худ ба машомам наад бидон монад

چو زلف خود به مشامم نهد بدان ماند

Ки таблаи таблаи марои машк дар димоғ кунад

که طبله طبله مرا مشک در دماغ کند

Ҷуз ӯ ки зулф ба рух ҳалқа карда нишнидам

جز او که زلف به رخ حلقه کرده نشنیدم

Кулоҳи бози кас аз шҳпрклоғ кунад

کلاه باز کس از شهپرکلاغ کند

Фироқ нест маро аз фироқ ӯ оре

فراغ نیست مرا از فراق او آری

Асири ишқ батон тарк ҳар фироқ кунад

اسیر عشق بتان ترک هر فراغ کند

Мгркаҳи маскани длҳости зулфи мишкӣнаш

مگرکه مسکن دلهاست زلف مشکینش

Ки ҳаркасии дили худро дар он суроғ кунад

که هرکسی دل خود را در آن سراغ کند

зи ҷони саногар зулфин ӯст Қоонӣ

ز جان ثناگر زلفین اوست قاآنی

Ту андалеб нигаҳ кун ки мадҳ зоғ кунад

تو عندلیب نگه کن که مدح زاغ کند