Ҳар ҷои ҳикоят аз санамӣ дилрабо равад

هر جا حکایت از صنمی دلربا رود

Аз ҳар забон бар ӯ ҳамаи мадҳ ва сано равад

از هر زبان بر او همه مدح و ثنا رود

Дар масҷидӣ ки сода рухӣ мекунад намоз

در مسجدی که ساده‌رخی می‌کند نماز

Сад даст бар фалаки з барои дуо равад

صد دست بر فلک ز برای دعا رود

Сари пеши чашми ман ба ҳақиқат азиз нест

سر پیش‌ چشم من به حقیقت عزیز نیست

Алои дамӣ ки дар сари меҳр ва вафо равад

الا دمی که در سر مهر و وفا رود

Ин панҷ рӯзи умри гиромии азизи дор

این پنج روز عمر گرامی عزیز دار

Бо дӯстони бҳл ки ба сидқ ва сафо равад

با دوستان بهل که به صدق‌ و صفا رود

Чун кас хабар надорад аз асрори илми ғайб

چون کس خبر ندارد از اسرار علم غیب

Ҳайфаст аз он нафас ки ба чун ва чаро равад

حیفست از آن نفس‌ که به چون و چرا رود

Рӯеи кушодаи дору лабии баста то з дар

رویی گشاده دار و لبی بسته تا ز در

Бегона ояд ар ба даруни ошнои рӯи д

بیگانه آید ار به درون آشنا رو‌د

Тирам бизан бикаш ки хато нест марги ман

تیرم بزن بکش که خطا نیست مرگ من

Марги ман он дамаст ки тират хато равад

مرگ من آن دمست که تیرت خطا رود

Бар сӯратати магар дар ва девор ошиқанд

بر صورتت مگر در و دیوار عاشقند

Каз ҳркҷои рӯми ҳаи зикр шумо равад

کز هرکجا روم هه ذکر شما رود

Бар ганҷи талъати ту агар бингарад гадо

بر گنج طلعت تو اگر بنگرد گدا

Чун аз муқобил ту равад подшо равад

چون از مقابل تو رود پادشا رود

Аз хотирам намеравад он соқи симгун

از خاطرم نمی‌رود آن ساق سیمگون

Мушкили хаёли сими зи ёд гадо равад

مشکل خیال سیم ز یاد گدا رود

Зулфат чу мо нигуну парешон ва дарҳамаст

زلفت چو ما نگون و پریشان و درهمست

Ошуфтаи рӯзи онкии туро дар қафо равад

آشفته روز آنکه تو را در قفا رود

Хобами з чашм рафту дил аз дасту ҷони зи каф

خوابم ز چشم رفت و دل از دست و جان ز کف

Бар ман зи як наёмаданат то чҳо равад

بر من ز یک نیامدنت تا چها رود

Давр аз ту шахси ман пари коҳӣ фузун набӯд

دور از تو شخص من پر کاهی فزون نبود

Вонҳм ба бод рафт кунун токҷо равад

وانهم به باد رفت کنون تاکجا رود

Муштоқ рӯй дӯст нахоҳад ба ғайри дӯст

مشتاق روی دوست نخواهد به غیر دوست

Кон муддаӣаст каши сухан аз муддао равад

کان مدّعیست کش سخن از مدعا رود

Гар хок порс шуд ҳамаи дарёи аҷаби мадор

گر خاک پارس‌ شد همه دریا عجب مدار

Зини обҳои шӯр ки аз чашм мо равад

زین آبهای شور که از چشم ما رود