Чунаст ки Исмоили ҳргаҳ ба хурӯш ояд

چونست که اسماعیل هرگه به خروش آید

Ҳушёр равад аз ҳуш беҳуш ба ҳуш ояд

هشیار رود از هوش بی هوش به هوش آید

Сар то ба қадами мардум аз ваҷд ба рақс оянд

سر تا به قدم مردم از وجد به رقص آیند

Овози диловезаши ҳргаҳ ки ба гӯш ояд

آواز دلاویزش هرگه که به گوش آید

Аз нағмаи лаби нӯшаши сад неш занад бар дил

از نغمه لب نوشش‌ صد نیش زند بر دل

Ман бандаи ин нешам каз он лаб нӯш ояд

من بندهٔ این نیشم کز آن لب نوش آید

Аз пой нишинад ғам чун ӯ ба тараби хезад

از پای نشیند غم چون او به طرب خیزد

Хомӯш шавад булбул чун ӯ ба хурӯш ояд

خاموش شود بلبل چون او به خروش آید

Зулфаш чу шаби дунёи кӯтоҳ ва баланд уфтад

زلفش چو شب دنیا کوتاه و بلند افتد

Гуҳ то ба камари резади гуҳ то сар дӯш ояд

گه تا به کمر ریزد گه تا سر دوش آید

Моҳ ар нигарад рӯйиш аз шарм ба зер уфтад

ماه ار نگرد رویش از شرم به زیر افتد

Хом ар шунӯди савташ аз шавқ ба ҷӯш ояд

خام ار شنود صوتش از شوق به جوش آید

Гӯйӣ ки амир имрӯз бошад набии мурсал

گویی که امیر امروز باشد نبی مرسل

Каз лаҳн ваяш дргўши овоз сурӯш ояд

کز لحن ویش درگوش آواز سروش آید

Он шоҳдгўёро кас васф наме донад

آن شاهدگویا را کس وصف نمی‌داند

Қоонии азин гуфтори он ба ки хамӯш ояд

قاآنی ازین گفتار آن به که خموش آید