эй офтоби бандаи тобандаи рои ту
ای آفتاب بندهٔ تابنده رای تو
Гардандаи чархи гирди сами бодпои ту
گردنده چرخ گرد سُم بادپای تو
Ту сояи худоӣ аз он рӯй чашми ақл
تو سایهٔ خدایی از آن روی چشم عقل
На дидаи ибтидои ту на интиҳои ту
نه دیده ابتدای تو نه انتهای تو
Заррин шавад зи ҷӯади ту аз шарқ то ба ғарб
زرین شود ز جود تو از شرق تا به غرب
Хуршед таъбияаст магар дар сахои ту
خورشید تعبیه است مگر در سخای تو
Гар сяти ҳимматати шунӯди нутфа дар раҳм
گر صیت همتت شنود نطفه در رحم
Бедасту пой рақс кунад аз атои ту
بیدست و پای رقص کند از عطای تو
Дар малики офариниш аз фарш то ба арш
در ملک آفرینش از فرش تا به عرش
Як офарӣда дам назанад бе ризои ту
یک آفریده دم نزند بیرضای تو
Ҳар рӯзи коФтоби з машриқ кунад тулӯъ
هر روز کافتاب ز مشرق کند طلوع
То шаб чу зарра рақс кунад дар ҳавои ту
تا شب چو ذره رقص کند در هوای تو
Андари мшимаҳи нутфа забон хоҳад аз худоӣ
اندر مشیمه نطفه زبان خواهد از خدای
Пеш аз ҳулӯли рӯҳ ки гуяд санои ту
پیش از حلول روح که گوید ثنای تو
Норустаи баргу бори дарахтони зи гул ҳануз
نارسته برگ و بار درختان ز گل هنوز
Андари даруни донаи намояди дуои ту
اندر درون دانه نماید دعای تو
Назораи ҷамоли ҷамил ту кард ақл
نظارهٔ جمال جمیل تو کرد عقل
Девона шуд зи даҳшати нури лақои ту
دیوانه شد ز دهشت نور لقای تو
Чандини ҳазор бори хиради ҷуст ва ме наёфт
چندین هزار بار خرد جست و مینیافت
Роҳӣ ки дар диласт туро бо худои ту
راهی که در دلست ترا با خدای تو
Умрати чунон дароз каз ои Ни сӯии шоми ҳашар
عمرت چنان دراز کز آن سوی شام حشر
Толеъ шавад сифедаи субҳи бақои ту
طالع شود سفیدهٔ صبح بقای تو
Қоонӣ аз гунаҳ чаҳ ҳаросад ки рӯзи ҳашар
قاآنی از گنه چه هراسد که روز حشر
Бе пурсишаши бухлад б ринд аз влои ту
بی پرسشش بخلد برند از ولای تو
Ҳалоки азин ғамам ки ҷон намешавад фидои ту
هلاک ازین غمم که جان نمیشود فدای تو
Ки хӯрд оби зиндагии зи лаъли ҷонФзои ту
که خورد آب زندگی ز لعل جانفزای تو
Агар ризои шӯии басар , серуми фидоят эй писар
اگر رضا شوی بسر، سرم فدایت ای پسر
Ризои ман мҷуи зи сари сари ману ризои ту
رضای من مجو ز سر سر من و رضای تو
Магар ба чашм мо наҳй ва гарна бркҷо наҳй
مگر به چشم ما نهی و گرنه برکجا نهی
Ки ҳар ҷо ки по наҳй сиррӣаст зери пои ту
که هرجا که پا نهی سریست زیر پای تو
Шудӣ ба ним чашм зад зи чашми фитнаи хирад
شدی بهنیم چشم زد ز چشم فتنهٔ خرد
Ки даври боди чашми бади зи чашми фитнаи зои ту
که دور باد چشم بد ز چشم فتنه زای تو
Ваҷу дат аз чаҳ об ва гул сириштае маи чгл
وجودت از چه آب و گل سرشتهای مه چگل
Ки май дӯди ҳазор дил ҳамеша дар қафои ту
که میدود هزار دل همیشه در قفای تو
Турост бар бкФи камон ки токнии марои нишон
تراست بر بکف کمان که تاکنی مرا نشان
Марост каф бар осмон ки то кунам дуои ту
مراست کف بر آسمان که تا کنم دعای تو
Марои занӣ ба теғ ва ман ним ба фикри ҷону тан
مرا زنی به تیغ و من نیم به فکر جان و تن
Забони гушӯда дар сухан ба фикри марҳабои ту
زبان گشوده در سخن به فکر مرحبای تو
Дилами зи халқ бегумон ба кунҷ сина шуд ниҳон
دلم ز خلق بیگمان به کنج سینه شد نهان
Наёфт оқибати амони зи холи дилрабои ту
نیافت عاقبت امان ز خال دلربای تو