Хозини мейри муаззами ровии ашъори ман

خازن میر معظم راوی اشعار من

Онкӣ мегуяд балои мафтӯн болой манаст

آنکه می گوید بلا مفتون بالای منست

Ровӣ шеър манаст аммо чу некӯи бенгарӣ

راوی شعر منست اما چو نیکو بنگری

Ровӣ ашъор набӯд дузд колоӣ манаст

راوی اشعار نبود دزد کالای منست

Табъи мавзун маро дуздед ва чун пурсами сабаб

طبع موزون مرا دزدید و چون پرسم سبب

Гуядам кин қомати мавзун зебоӣ манаст

گویدم کاین قامت موزون زیبای منست

Шеъри ширини маро бар даст ва чун ҷӯям далел

شعر شیرین مرا بر دست ‌و چون جویم دلیل

Гуядам кин хандаи лаъл шкрхоӣ манаст

گویدم کاین خنده لعل شکرخای منست

Ҳолати бахти маро дар чашм худ додаст ҷой

حالت ‌بخت‌ مرا در چشم‌ خود دادست ‌جای

Гӯи ядам кин хоби чашми наргис осоӣ манаст

گو‌یدم کاین خواب چشم نرگس‌‌آسای منست

Ҳар парешоне ки ман як умр дар дили доштам

هر پریشانی که من یک عمر در دل داشتم

Дрклаҳ ҷо дода кони зулф чилипоӣ манаст

درکله جا داده کان زلف چلیپای منست

Рои рахшони марои дуздидаи андари зери зулф

رای رخشان مرا دزدیده اندر زیر زلف

Фош май гўидкаҳи ин рӯй длороӣ манаст

فاش می‌گویدکه این روی دلارای منست

Дузд колоӣ амираст ӯ на танҳо дузди ман

دزد کالای امیرست او نه‌ تنها دزد من

Мейрро огаҳ кунам зеро ки мавлоӣ манаст

میر را آگه کنم زیرا که مولای منست

Тирҳо дуздидааст аз таркиши мейри ҷаҳон

تیرها دزدیده است از ترکش میر جهان

Гуяд ин мижгони хўнриз ҷгрхоӣ манаст

گوید این‌مژگان‌ خونریز جگرخای منست

Дар миёни синаи худ мейрро додаст ҷой

در میان سینه خود میر را دادست جای

Гуяд ин сангини дил чун кӯҳ хороӣ манаст

گوید این ‌سنگین ‌دل ‌چون کوه‌خارای منست

Нарми нармаки ҳашта дръи мейрро зери кулоҳ

نرم ‌نرمک هشته درع میر را زیر کلاه

Вошкоро гуяд ин зулфи саман соӣ манаст

واشکارا گوید این زلف سمن ‌سای منست

Карда андари ҷомаи пинҳони рояти Мансури мейр

کرده اندر جامه پنهان رایت منصور میر

Нек меболад ба худкини қад раъноӣ манаст

نیک می‌بالد به خودکاین قد رعنای منست

Гӯш то гӯш ӯ кашад ҳар дами камони мейр ро

گوش تا گوش او کشد هر دم کمان میر را

Гуяд ин абрӯии хўнриз кмонсоӣ манаст

گوید این ابروی ‌خونریز کمانسای منست

Бастааст андари азори хеши шӯшаи сими мейр

بسته ‌است ‌اندر ازار خویش شوشهٔ سیم میر

Гуяд ин соқи сипеди рӯҳ бахшой манаст

گوید این ساق سپید روح‌بخشای منست

Лек ӯ бо ӣнҳамаи дуздӣ амин ҳазратаст

لیک او با اینهمه دزدی امین حضرتست

Бандаи мейру амири ҳукм фармой манаст

بندهٔ میر و امیر حکم‌فرمای منست