Дилӣ девона дорам вндрони дард ниҳон дорам

دلی دیوانه دارم وندران درد نهان دارم

Кигар пинҳон кунам ё ошкорои бим ҷон дорам

که گر پنهان کنم یا آشکارا بیم جان دارم

Марои табриз таб хезасту лаб аз шиква лабрезаст

مرا تبریز تب خیزست و لب از شکوه لبریزست

Чаҳ озарҳо ба ҷон аз малик Озарбойҷон дорам

چه آذرها به جان از ملک آذربایجان دارم

Чр аз зобитони арванақи сад таъни вдқи байнам

چر از ضابطان ارونق صد طعن ودق بینم

Ки қадре обу малики он ҷо барои об ва нон дорам

که قدری آب و ملک آن جا برای آب و نان دارم

з беМеҳрон , Меҳрон равад дили хӯни гашту ҷони Фрсўд

ز بی مهران، مهران رود دل خون گشت و جان فرسود

Ки ҷузъии мазраъӣ дар кӯҳсор лиқўон дорам

که جزئی مزرعی در کوهسار لیقوان دارم

Чунон миннати кашам аз омили саҳлону асФҳлон

چنان منت کشم از عامل سهلان و اسفهلان

Ки гўӣии кишвари Кошону малик Исфаҳон дорам

که گوئی کشور کاشان و ملک اصفهان دارم

з хон неъмати шаҳи неъмати ободӣ талаб кардам

ز خوان نعمت شه نعمت آبادی طلب کردم

Ки сад ояи ғазаб дарашон ҷон аз шан ҷон дорам

که صد آیه غضب درشان جان از شان جان دارم

зи сарбозони оташ бо зхсм андоз табризӣ

ز سربازان آتش با زخصم انداز تبریزی

Ҳазорон арзчи дар ҳар гузар аз ҳар карон дорам

هزاران عرضچی در هر گذر از هر کران دارم

Ҳамаи ҷаррораҳо дар чангу оташи пораҳо дар ҷанг

همه جراره ها در چنگ و آتش پاره ها در جنگ

Ки пеши ҳамлаи шани пӯлодро чун парниён дорам

که پیش حمله شان پولاد را چون پرنیان دارم

Расадгар ҳукми воло каз замини зии чархи шӯи боло

رسد گر حکم والا کز زمین زی چرخ شو بالا

Худо донад ки ташвиш аз буруҷ осмон дорам

خدا داند که تشویش از بروج آسمان دارم

Ба ҷанг ман кунад оҳанг аз он сарҳанг бе фарҳанг

به جنگ من کند آهنگ از آن سرهنگ بی فرهنگ

Ки ҳам ораст ва ҳам нанги он ки номаш бар забон дорам

که هم عارست و هم ننگ آن که نامش بر زبان دارم

Алии мардони мардӯди он куҳани номарди номўдўд

علی مردان مردود آن کهن نامرد نامودود

Ки дар авсоф ӯ сад достон аз бостон дорам

که در اوصاف او صد داستان از باستان دارم

Бароти фавҷи шерон зон ба ман шуд дар ҳамаи Эрон

برات فوج شیران زان به من شد در همه ایران

Ки баҳр туъма пиндоранд муштӣ устихон дорам

که بهر طعمه پندارند مشتی استخوان دارم