Ҳар малики вуҷӯдӣ ки бахӯбӣ бигирифтӣ
هر ملک وجودی که بخوبی بگرفتی
Султони хаёлати бншондии бхлоФт
سلطان خیالت بنشاندی بخلافت
Ҳошо ки аз замони мФорқти сӯрӣ то ҳоли як нафас бе ёди шумо гузашта , ё нақши хаёлу орзӯии висол аз дидау дил маҳв гашта бошад .
حاشا که از زمان مفارقت صوری تا حال یک نفس بی یاد شما گذشته، یا نقش خیال و آرزوی وصال از دیده و دل محو گشته باشد.
Аред лонсии зикрҳо Фконмо
ارید لانسی ذکرها فکانما
Тмсли лии Лайлии бакули сиблат
تمثل لی لیلی بکل سبیل
Нмиқаҳи анӣқа . Ки ғояти мақсӯди дилу ҷон , ҷомеъи Муҳсиноти маъонӣу баён буд , колмоءи фии алғлилу албрءи ллълил , расед вхотри орзӯмандро тасаллӣ ва таскин дод . Ман нмидонм ки ин ҷинси суханро ном чист ?
نمیقه انیقه. که غایت مقصود دل و جان، جامع محسنات معانی و بیان بود، کالماء فی الغلیل و البرء للعلیل، رسید وخاطر آرزومند را تسلی و تسکین داد. من نمیدانم که این جنس سخن را نام چیست؟
Наввоби нойиби ассалтанаи рӯҳии фидоа бо машоғили лотъдўи лотҳсӣ ки ин авқот доранд авқоти шарифро мулоҳизаи мстўроти он масруф дошта , ҳамаи корро барканор гузоштанду фии алҳқиқаҳи тафреҳи қалбии баъд аз он ҳаводиси айёму тўорд асқом фармуданд ба он фақароти сулсаи расиданд арз кардам :
نواب نایب السلطنة روحی فداه با مشاغل لاتعدو لاتحصی که این اوقات دارند اوقات شریف را ملاحظه مسطورات آن مصروف داشته، همه کار را برکنار گذاشتند و فی الحقیقه تفریح قلبی بعد از آن حوادث ایام و توارد اسقام فرمودند به آن فقرات ثلثه رسیدند عرض کردم:
Аввал : мансаб ваколатаст . Тасдиқ карданд ки болои рсу алостҳқоқ аз ин тайифааст .
اول: منصب وکالت است. تصدیق کردند که بالا رث و الاستحقاق از این طایفه است.
Сонӣ : муқаддамаи Маҷид мафқуд фармуданд : бўкили рӯс ҳукм кардаему басардори рӯси навишта , умед ҳаст ки ани шоаллоҳи таъолии ҷавоб бар вифқ хоҳиш бирасад .
ثانی: مقدمه مجید مفقود فرمودند: بوکیل روس حکم کردهایم و بسردار روس نوشته، امید هست که ان شاءالله تعالی جواب بر وفق خواهش برسد.
Солис : ҳикояти ваҷҳе буд ки боист алии қулии хони бшмо рисонда бошад ва ҳар чанд нарасида нифоқи мобайни авлоди марҳӯми нҷФълии хони вохтлолӣ ки дар кори ҳукӯмати боис шуда ҳамин ки андаки интизомӣ ҳосил шуд ; бФзли аллоҳу Авна , оид ва восил хоҳад шуд , хусусан ҳоло ки мавкиби волои озим дорулхилофаасту шарафёбии шумо бхдмти ашрафу файзи ёбии ман бсҳбти шариф ки мояи баҳҷат замираст наздик мебошад .
ثالث: حکایت وجهی بود که بایست علی قلی خان بشما رسانده باشد و هر چند نرسیده نفاق مابین اولاد مرحوم نجفعلی خان واختلالی که در کار حکومت باعث شده همین که اندک انتظامی حاصل شد؛ بفضل الله و عونه، عاید و واصل خواهد شد، خصوصا حالا که موکب والا عازم دارالخلافه است و شرفیابی شما بخدمت اشرف و فیض یابی من بصحبت شریف که مایة بهجت ضمیر است نزدیک میباشد.
Ёрб ин орзӯи маро чаҳ хушаст .
یارب این آرزو مرا چه خوش است.