Кутубати велами икни китобии ҳокёи ани азобӣу лои қаламии ани алмӣу лои мадории ани вдодӣу лобнонии ани ҷиноне . Влиси тҳзрнии ибораи аФсҳи баҳои ъмои иъинаҳи қалбӣу иҳўиаҳи садрӣ , ФкиФи ҳилтии фии шарҳи ҳолатӣу аФсоҳи мқолтӣ , атўдъи фии алтрси алрқиқи мо фии алқлби алҳриқ ,ам тдрҷ норо ман алнсби фии башари ман алқсб ,ам иҳкии саводи алмдоди ани сўидоءи алФўи оад ,ам иктби болособъи мо иктми фии алозолъи кулови қади колти алолсн ва ъят алхўотру блғти улқулуби алҳноҷри ани шарҳи мороити ман бъдку ҳўити фии бъдк ваем аллоҳи ании лами адри ҳқиқаҳи ҳрораҳи алҳзну ғзораҳи алмзн ҳатто ҳоли бинӣу бинки албину шаҳдати мо шаҳдати фии алқлбу алъайн ; Фҳои анои алони мутаққаллиби байни тӯфону нирон , ҷомеъи байни алмоءу алнор , воқеъи алии шифои ҷрФи ҳор
کتبت ولم یکن کتابی حاکیا عن عذابی و لا قلمی عن المی و لا مداری عن ودادی و لابنانی عن جنانی. ولیس تحضرنی عباره افصح بها عما یعینه قلبی و یحویه صدری، فکیف حیلتی فی شرح حالتی و افصاح مقالتی، اتودع فی الطرس الرقیق ما فی القلب الحریق، ام تدرج نارا من النصب فی بشر من القصب، ام یحکی سواد المداد عن سویداء الفو آد، ام یکتب بالاصابع ما یکتم فی الاضالع کلاو قد کلت الالسن و عیت الخواطر و بلغت القلوب الحناجر عن شرح مارایت من بعدک و حویت فی بعدک و ایم الله انی لم ادر حقیقه حراره الحزن و غزاره المزن حتی حال بینی و بینک البین و شهدت ما شهدت فی القلب و العین؛ فها انا الان متقلب بین طوفان و نیران، جامع بین الماء و النار، واقع علی شفا جرف هار
Миёни обу оташи мондаи ҳайрон
میان آب و آتش مانده حیران
Хаёлат карда дар дидаи мусаввир
خیالت کرده در دیده مصور
зи шаби як нима , чун фарзанди умрон
ز شب یک نیمه، چون فرزند عمران
Дигар нимаи зи шаби фарзанди озр
دگر نیمه ز شب فرزند آزر
Тораи идркнии алғрқу ахрии иҳлкнии алҳрқ ва мо аъҷби фии ҳозои улҳоли алои ман бқоءи умрӣу давоми сабрии лонии маъаи мотърФи ман рқаҳи алсбобаҳи аФўқи алии сами алсхўри фии слобаҳи лои тмзқнии алнори фии тоҷҷаҳҳоу лои албҳри фии тмўҷаҳи конии ъоси хулдаи ҳи фии сқр , клмои нФҷи ҷилдаи бадалаи ҷлдои охроу самандари тъшқи алнору тъиши фии алшрор , ӯ ҳути қӯтҳо алмлҳи алоҷоҷ ва айшҳо фии тарокуми аломўоҷ
تاره یدرکنی الغرق و اخری یهلکنی الحرق و ما اعجب فی هذا الحال الا من بقاء عمری و دوام صبری لانی مع ماتعرف من رقه الصبابه افوق علی صم الصخور فی صلابه لا تمزقنی النار فی تاججه ها و لا البحر فی تموجه کانی عاص خلده ه فی سقر، کلما نفج جلده بدله جلدا آخرا و سمندر تعشق النار و تعیش فی الشرار، او حوت قوتها الملح الاجاج و عیشها فی تراکم الامواج
Ва қадари зқти ҷамъи алзди ман заъфи алҷд
و قدر زقت جمع الضد من ضعف الجد
Ва ани канти зоҷди Саиди лъсти фии айши рғид
و ان کنت ذاجد سعید لعثت فی عیش رغید
Аўмти бмўти қариб ва мо канти кҳолтии ҳзаҳи кули явми фии крби шадид , бали клءи он фии мӯати ҷадиди ании ман аламутии ғайри ани лмнтқии ҳрФоу сўтои аўлиси мўтои ани Ароки мФорқии аўлиси мўто
اومت بموت قریب و ما کنت کحالتی هذه کل یوم فی کرب شدید، بل کلء آن فی موت جدید انی من الموتی غیر ان لمنطقی حرفا و صوتا اولیس موتا ان اراک مفارقی اولیس موتا
Ва лъмрии анӣ арӣ ман ҳҷрки моирўиаҳи анноси ман тайрони алрўҳу тӯфони Нӯҳу Лукони лии сброи ксброи Айюби втоқаҳи ктоқаҳи ёқӯбу ҳалами кӯҳлами иброҳӣму эҳтимоли коҳтмоли Шуайб , Фмои ақдри баъди золки алии эҳтимоли Фқду солку иштиёқи ғарраи ҷмолку ани лами аҷмъи хасоили алнбўаҳи Фқди ҷамъати шамоили алФтўаҳ ва алейк болрҳму алмрўаҳ ; арҳми алии брўҳи Фики қади талафати баъди алФроқи Фҳзои охролрмқ
و لعمری انی اری من هجرک مایرویه الناس من طیران الروح و طوفان نوح و لوکان لی صبرا کصبرا ایوب وطاقه کطاقه یعقوب و حلم کحلم ابراهیم و احتمال کاحتمال شعیب، فما اقدر بعد ذالک علی احتمال فقد و صالک و اشتیاق غره جمالک و ان لم اجمع خصایل النبوه فقد جمعت شمایل الفتوه و علیک بالرحم و المروه؛ ارحم علی بروح فیک قد تلفت بعد الفراق فهذا آخرالرمق
Махдуми ман : имшаб ки нмидонми кадоми шаб ҳафтааст ва чанд соъат аз дастаи рафта , маҷлиси инсии ороста , бали маҳфили қудсӣ пероста дорему ҷамъӣ аз мходиму аҳбоб , ташриф шариф доранд ки ҳар чаҳ дар дунёу уқбои момўли дилҳоу ҷон ҳоаст , дар файзи хизмату нили суҳбат эшонасту бас ва дар асбоби басту суҳбату айшу ъушрат ; ба ҳеҷ ваҷҳи нақс ва нотамомӣ нест , магари фурқати мулозимони сомӣ ки гуё маҷмаъи мо , бе мақдами шумо сипеҳрӣ бефурӯғ меҳрасту ҷамъии бҳзўри шамъу гулшанӣ бе вуҷӯди гулбуну ақдӣ бе робитаи назму силкӣ бе воситаи ақду каъба бе манӣу машъару ҷаннатӣ бетаснӣму кавсару кафии биллоҳи шҳидо ; он чаҳ арз кардаам на иғроқ муншӣонааст венаи такаллуфи шоирона , на аз қабили хусусиятҳои аҳли замона ва ба ҷони азизи шумо ки ин бори даврии ҳузури шумо дахлии баҳр бор надораду таъсиӣ дар дилу ҷон нотавон карда ки фавқӣ бар он мумкин ва мақдӯр нест .
مخدوم من: امشب که نمیدانم کدام شب هفته است و چند ساعت از دسته رفته، مجلس انسی آراسته، بل محفل قدسی پیراسته داریم و جمعی از مخادیم و احباب، تشریف شریف دارند که هر چه در دنیا و عقبی مامول دل ها و جان ها است، در فیض خدمت و نیل صحبت ایشان است و بس و در اسباب بسط و صحبت و عیش و عشرت؛ به هیچ وجه نقص و ناتمامی نیست، مگر فرقت ملازمان سامی که گویا مجمع ما، بی مقدم شما سپهری بی فروغ مهر است و جمعی بحضور شمع و گلشنی بی وجود گلبن و عقدی بی رابطه نظم و سلکی بی واسطه عقد و کعبه بی منی و مشعر و جنتی بی تسنیم و کوثر و کفی بالله شهیدا؛ آن چه عرض کرده ام نه اغراق منشیانه است ونه تکلف شاعرانه، نه از قبیل خصوصیت های اهل زمانه و به جان عزیز شما که این بار دوری حضور شما دخلی بهر بار ندارد و تاثیری در دل و جان ناتوان کرده که فوقی بر آن ممکن و مقدور نیست.
Муддатҳо буд ки рӯзи шабу гоҳ ва бегоҳ бо ҳам будему бмъошрти як дигар хўӣӣ доштем ва акнӯн ки чашми бад рӯзгор нагузошт бики бори тарки одату салби иродат кардани хилкӣ душвораст ва бисёр ногувораст .
مدت ها بود که روز شب و گاه و بی گاه با هم بودیم و بمعاشرت یک دیگر خوئی داشتیم و اکنون که چشم بد روزگار نگذاشت بیک بار ترک عادت و سلب ارادت کردن خیلکی دشوار است و بسیار ناگوار است.
Лсти ақдри алии китмони ҳубӣ , влои амлки Аннани қалбӣ , язиди фии алҳби вҷдои алии ваҷд ,у иҷзнии алқлби фии алғўру алнҷду ани амкннии мо амкни алқлби ман илтизоми ҳзртку алдўоми фии алотсоли бхдмтки лдмти фии алъишу алсрўру лои ахшии аламуту алншўру ъшти ҳаёу риёи фии зилоли роФтки ман зулоли сҳбтк ва арҷу ман оҷили вслку ани тмсҳ бе ман сниъи ироътки мо тштҳии алонФсу тлзи алоъину ани лотҳри манӣ бъзри тарокуми алшўоғли ани нили сҳоиФи алрсоил кӣ иртъи нозирӣу хотирии баъди мо қоситҳмоу озитҳмои батӯлии алрмду фарти алкмди фии ҷиноти зўоти бҳҷоти ақабаи алрёзи ғдқаҳи алҳёзи муаттараи алшмоил , муқаттараи алхмоӣл , мғрдаҳи алҳмоӣм , мавридаи алнсоӣму арҷўоллаҳи рабӣу рбки ани иҷмъи бинӣу бинки фии ақрби алоўқоти алии аҳсани алотФоқот ва ядем алсрўри лии блқоӣки сҳтку сҳбтки вассаломи хирхтом
لست اقدر علی کتمان حبی، ولا املک عنان قلبی، یزید فی الحب وجدا علی وجد، و یجزنی القلب فی الغور و النجد و ان امکننی ما امکن القلب من التزام حضرتک و الدوام فی الاتصال بخدمتک لدمت فی العیش و السرور و لا اخشی الموت و النشور و عشت حیا و ریا فی ظلال رافتک من زلال صحبتک و ارجو من عاجل وصلک و ان تمسح بی من صنیع یراعتک ما تشتهی الانفس و تلذ الاعین و ان لاتحر منی بعذر تراکم الشواغل عن نیل صحایف الرسایل کی یرتع ناظری و خاطری بعد ما قاسیتهما و آذیتهما بطول الرمد و فرط الکمد فی جنات ذوات بهجات عقبه الریاض غدقه الحیاض معطره الشمایل، مقطره الخمائل، مغرده الحمائم، مورده النسائم و ارجوالله ربی و ربک ان یجمع بینی و بینک فی اقرب الاوقات علی احسن الاتفاقات و یدیم السرور لی بلقائک صحتک و صحبتک والسلام خیرختام