Сохт зи ростӣ ба ғайри тарк фусунгарӣ гирифт
ساخت ز راستی به غیر ترک فسونگری گرفت
Зуҳра ба толеъи адуи шева муштарӣ гирифт
زهره به طالع عدو شیوه مشتری گرفت
Шаҳ ба гадо куҷо расад зон ки чу фитна рӯй дод
شه به گدا کجا رسد زان که چو فتنه روی داد
Хотами дасти деви баради кишвари дил парӣ гирифт
خاتم دست دیو برد کشور دل پری گرفت
Тарки марои зи гиру дори шуғли ғараз буд на суд
ترک مرا ز گیر و دار شغل غرض بود نه سود
Фарбеҳ агар наёфт сайди хурда ба лоғарӣ гирифт
فربه اگر نیافت صید خرده به لاغری گرفت
Омад ва аз раҳи ғурури бӯса ба хилватами надод
آمد و از ره غرور بوسه به خلوتم نداد
Рафт ва дар анҷумани зи ғайри музд навогарӣ гирифт
رفت و در انجمن ز غیر مزد نواگری گرفت
эй ки дилати зи ғуссаи сӯхти шиква на дар хур вафост
ای که دلت ز غصه سوخت شکوه نه در خور وفاست
Вар сазад он ки сркнии гир ки срсрӣ гирифт
ور سزد آن که سرکنی گیر که سرسری گرفت
Ҷодаи шиноси кӯй хасм будаму дӯсти роҳи ҷӯй
جاده شناس کوی خصم بودم و دوست راه جوی
Мункири завқи ҳамраҳеи хурда ба раҳбарӣ гирифт
منکر ذوق همرهی خرده به رهبری گرفت
Мастии мурғи субҳдам бар рухи гул ба буии тест
مستی مرغ صبحدم بر رخ گل به بوی تست
Ҳарзаи зи шарми боғбони ҷабҳаи гул тарӣ гирифт
هرزه ز شرم باغبان جبهه گل تری گرفت
Рой задам ки бори ғами ҳам ба рақами з дил равад
رای زدم که بار غم هم به رقم ز دل رود
Нома чу бстмш ба боли мурғ сбкпрӣ гирифт
نامه چو بستمش به بال مرغ سبکپری گرفت
Ғолиб агар ба базми шеър дайр расед давр нест
غالب اگر به بزم شعر دیر رسید دور نیست
Каш ба фироқи ҳасратии дили з суханварӣ гирифт
کش به فراق حسرتی دل ز سخنوری گرفت