Димоғи аҳли фанои нашъа бало дорад

دماغ اهل فنا نشئه بلا دارد

Ба фарқами арраи тулӯъи пар ҳумо дорад

به فرقم اره طلوع پر هما دارد

Ба ваъдаи гоҳи хиром ту кард намнокам

به وعده گاه خرام تو کرد نمناکم

Биё ки шавқам аз овораге ҳаё дорад

بیا که شوقم از آوارگی حیا دارد

Кушоди шасти адои ту дилнишин манаст

گشاد شست ادای تو دلنشین منست

Агар хаданги ту дар дил нишаст ҷо дорад

اگر خدنگ تو در دل نشست جا دارد

з ман матарс ки ногуҳ ба пеши қозии ҳашар

ز من مترس که ناگه به پیش قاضی حشر

Ҳуҷуми нолаи лабамро зи нола во дорад

هجوم ناله لبم را ز ناله وا دارد

Дилам Фсрд бифзо ба ваъдаи завқи висол

دلم فسرد بیفزا به وعده ذوق وصال

Чароғи куштаи ҳамон шуъла хўнбҳо дорад

چراغ کشته همان شعله خونبها دارد

Тапами зи рашк , ҳамоно ба ҷустуҷӯӣ касе сет

تپم ز رشک، همانا به جستجوی کسی ست

Ки хури зи тоби худ оташ ба зер по дорад

که خور ز تاب خود آتش به زیر پا دارد

Паии итоб ҳамоно баҳона май талабад

پی عتاب همانا بهانه می طلبد

Шикоятӣ ки з мо нест ҳам ба мо дорад

شکایتی که ز ما نیست هم به ما دارد

Хуши сети даъвии ороиши сару дастор

خوش ست دعوی آرایش سر و دستار

зи ҷилваи кафи хокӣ ки нақш по дорад

ز جلوه کف خاکی که نقش پا دارد

зи ҷаври дасти тиҳии нола аз ниҳодами ҷуст

ز جور دست تهی ناله از نهادم جست

Не ки барг надорад ҳамон наво дорад

نیی که برگ ندارد همان نوا دارد

зи содагии Ромад аз ҳарфи ишқ ва ман ба гумон

ز سادگی رمد از حرف عشق و من به گمان

Ки дӯсти таҷриба Эй дорад аз куҷо дорад

که دوست تجربه ای دارد از کجا دارد

Ба хӯн тапидан гулҳо нишони икрнгии сет

به خون تپیدن گلها نشان یکرنگی ست

Чамани азои шаҳидон Карбало дорад

چمن عزای شهیدان کربلا دارد

Фиғон ки раҳми бдомўз ёр шуд ғолиб

فغان که رحم بدآموز یار شد غالب

Раво надошт ки бар мо ситам раво дорад

روا نداشت که بر ما ستم روا دارد