Хубон на он кунанд ки касро зиён расад

خوبان نه آن کنند که کس را زیان رسد

Дили барад то дигар чаҳ аз он длстон расад ?

دل برد تا دگر چه از آن دلستان رسد؟

Дорад хабари дареғ ва ман аз содагӣ ҳануз

دارد خبر دریغ و من از سادگی هنوز

Санҷами ҳаме ки дӯсти магар ногаҳон расад

سنجم همی که دوست مگر ناگهان رسد

Мақсӯди мо зи дайру ҳарами ҷуз ҳабиб нест

مقصود ما ز دیر و حرم جز حبیب نیست

Ҳар ҷо кунем саҷда бидон остон расад

هر جا کنیم سجده بدان آستان رسد

Дардии кашони майкада дар ҳам фитода анд

دردی کشان میکده در هم فتاده اند

Нозам ба хоре ки ба ман зин миён расад

نازم به خواریی که به من زین میان رسد

Гум шуд нишони ман чу расидам ба кунҷ дар

گم شد نشان من چو رسیدم به کنج در

Монанди он садо ки ба гӯш гарон расад

مانند آن صدا که به گوش گران رسد

Дар доми баҳр дона науфтам магари қафас

در دام بهر دانه نیفتم مگر قفس

Чандон кунӣ баланд ки то ошён расад

چندان کنی بلند که تا آشیان رسد

Роҳӣ ки то манаст ҳамоно на эминаст

راهی که تا منست همانا نه ایمنست

Хӯн мехӯрам ки чун бихӯрам май чаҳ сон расад ?

خون می خورم که چون بخورم می چه سان رسد؟

Рафтам сӯии вайу мижаи андар ҷигар халид

رفتم سوی وی و مژه اندر جگر خلید

Зон пештар ки сина ба нӯк синон расад

زان پیشتر که سینه به نوک سنان رسد

Тири нахустро ғалат андоз гуфта ам

تیر نخست را غلط انداز گفته ام

эй войгар на тир дигар бар нишон расад

ای وای گر نه تیر دگر بر نشان رسد

Умед ғалаба нест ба кеши Муғони дарой

امید غلبه نیست به کیش مغان درآی

Майгар ба ҷузияи дасти надод армағон расад

می گر به جزیه دست نداد ارمغان رسد

Хорам на ончунон ки дигар муждаи висол

خوارم نه آنچنان که دگر مژده وصال

Бовар кунам агар ҳама аз осмон расад

باور کنم اگر همه از آسمان رسد

Соҳибқирони сонӣ агар дар ҷаҳон намонад

صاحبقران ثانی اگر در جهان نماند

Гуфтори ман ба сонӣ соҳибқирон расад

گفتار من به ثانی صاحبقران رسد

Чун нест тоби барқ таҷаллӣ кулем ро

چون نیست تاب برق تجلی کلیم را

Кӣ дар сухан ба ғолиби оташ баён расад

کی در سخن به غالب آتش بیان رسد