Шавқами зи панд бар дар фарёд ме занад

شوقم ز پند بر در فریاد می‌زند

Бар оташи ман оби дам аз бод ме занад

بر آتش من آب دم از باد می‌زند

То аФгнӣ чаҳ валвалаи андари ниҳоди мо

تا افگنی چه ولوله اندر نهاد ما

Коиинаҳ аз ту мавҷ призод ме занад

کآیینه از تو موج پریزاد می‌زند

Аз ҷӯии шеру ъушрати хусрав нишон намонад

از جوی شیر و عشرت خسرو نشان نماند

Ғайрат ҳануз таъна ба Фарҳод ме занад

غیرت هنوز طعنه به فرهاد می‌زند

Ҳаргизи мазоқи дарди асирӣ набӯда аст

هرگز مذاق درد اسیری نبوده است

Бо нолае ки мурғи қафас зод ме занад

با ناله‌ای که مرغ قفس‌زاد می‌زند

Мамнӯни ковуши мижа ва нештар ним

ممنون کاوش مژه و نیشتر نیم

Дили мавҷи хӯни зи дард худодод ме занад

دل موج خون ز درد خداداد می‌زند

Хӯнӣ ки дай ба ҷайбами азуи хорхор буд

خونی که دی به جیبم ازو خارخار بود

Имрӯзи гул ба доман ҷаллод ме занад

امروز گل به دامن جلّاد می‌زند

Андари ҳавои шамъ ҳамоно зи болу пар

اندر هوای شمع همانا ز بال و پر

Парвонаи дашна дар ҷигар бод ме занад

پروانه دشنه در جگر باد می‌زند

Зин беш нест қофилаи рангро диранг

زین بیش نیست قافله رنگ را درنگ

Гули як қадаҳ ба соя шамшод ме занад

گل یک قدح به سایه شمشاد می‌زند

Завқам ба ҳар шарора ки аз доғ май ҷаҳд

ذوقم به هر شراره که از داغ می‌جهد

Дилро навой дайр бмонод ме занад

دل را نوای دیر بماناد می‌زند

Чун дид каз шикояти бедоди фориғам

چون دید کز شکایت بیداد فارغم

Бар захм синаам намак дод ме занад

بر زخم سینه‌ام نمک داد می‌زند

То дастбурди оташ сӯзон диҳад ба бод

تا دستبرد آتش سوزان دهد به باد

Санг аз шарори ханда ба пӯлод ме занад

سنگ از شرار خنده به پولاد می‌زند

Ғолиби сиришки чашми ту олам фурӯ гирифт

غالب سرشک چشم تو عالم فرو گرفت

Мавҷии сети диҷларо ки ба Бағдод ме занад

موجی‌ست دجله را که به بغداد می‌زند