Қадари муштоқон чаҳ донад ? дарди мо чандаш буд ?
قدر مشتاقان چه داند؟ درد ما چندش بود؟
Он ки доими кор бо дилҳои хурсандаш буд
آن که دایم کار با دلهای خرسندش بود
Шоҳид мо ҳамнишин оройу рангини маҳфили сет
شاهد ما همنشین آرای و رنگین محفل ست
Лоҷарам дар банди хеши сети он ки дар бандаш буд
لاجرم در بند خویش ست آن که در بندش بود
Дар нигорин равза фирдавс накушояд дилаш
در نگارین روضه فردوس نگشاید دلش
Он ки дар банди дурӯғи рост монандаши буд
آن که در بند دروغ راست مانندش بود
Он ки аз шнгӣ ба хомӯшии дил аз мо май барад
آن که از شنگی به خاموشی دل از ما می برد
Войгар чун мо забони нуктаи пайвандаш буд
وای گر چون ما زبان نکته پیوندش بود
Дар ситами ҳақи ношиносаши гуфтан аз инсоф нест
در ستم حق ناشناسش گفتن از انصاف نیست
Он ки чандини такя бар ҳалами худовандаш буд
آن که چندین تکیه بر حلم خداوندش بود
Ҳеҷ донеи ин ҳамаи шӯри итоб аз баҳр чист ?
هیچ دانی این همه شور عتاب از بهر چیست؟
То ҷигарҳо ташнаи мавҷи шикархандаш буд
تا جگرها تشنه موج شکرخندش بود
Нозами он худбин ки ноед ғайри хешаш дар назар
نازم آن خودبین که ناید غیر خویشش در نظر
Гар ба хоки раҳгузори дӯсти савгандаш буд
گر به خاک رهگذار دوست سوگندش بود
Он ки хоҳад дар сафи мардони бақои номи хеш
آن که خواهد در صف مردان بقای نام خویش
Хӯни душмани сурхтар аз хӯни фарзандаш буд
خون دشمن سرخ تر از خون فرزندش بود
Бо хирад гуфтам нишони аҳли маънии бозгуӣ
با خرد گفتم نشان اهل معنی بازگوی
Гуфт гуфторӣ ки бо кирдори пайвандаш буд
گفت گفتاری که با کردار پیوندش بود
Ғолибан зинҳори баъд аз мо ба хӯни мо мгир
غالبا زنهار بعد از ما به خون ما مگیر
Қотили моро ки ҳокими орзӯмандаш буд
قاتل ما را که حاکم آرزومندش بود