На аз шармаст каз чашми ваии осон барнаме ояд

نه از شرمست کز چشم وی آسان برنمی‌آید

Нигоҳаш бо дарозиҳои мижгон барнаме ояд

نگاهش با درازی‌های مژگان برنمی‌آید

Азин шармандагӣ каз банди сомон барнаме ояд

ازین شرمندگی کز بند سامان برنمی‌آید

Сари шӯридаи мо аз гиребон барнаме ояд

سر شوریده ما از گریبان برنمی‌آید

Гар аз срўоиии нози ту парво нест ошиқ ро

گر از سروایی ناز تو پروا نیست عاشق را

Чаро дил хӯн намегардад чаро ҷон барнаме ояд

چرا دل خون نمی‌گردد چرا جان برنمی‌آید

Ба базм сӯхтани дӯд аз чироғони барнамеи хезад

به بزم سوختن دود از چراغان برنمی‌خیزد

Ба боғи хӯн шудани бӯ аз гулистон барнаме ояд

به باغ خون شدن بو از گلستان برنمی‌آید

Сарат гирдам бизан теғу дарӣ бар рӯй дил бигушо

سرت گردم بزن تیغ و دری بر روی دل بگشا

Дилам тангаст кор аз захми пайкон барнаме ояд

دلم تنگست کار از زخم پیکان برنمی‌آید

Шукуфтани арз бе тобии сети ҳон эй ғунча ме донам

شکفتن عرض بی‌تابی‌ست هان ای غنچه می‌دانم

Дилат бо нолаи мурғи сҳрхўон барнаме ояд

دلت با ناله مرغ سحرخوان برنمی‌آید

Ҳамон хӯн кардан ва аз дидаи берун рехтан дорад

همان خون کردن و از دیده بیرون ریختن دارد

Дилӣ каз ӯҳдаи ғамҳои пинҳон барнаме ояд

دلی کز عهده غم‌های پنهان برنمی‌آید

Магари оташи нафаси девонае мард аз асиронт

مگر آتش نفس دیوانه‌ای مرد از اسیرانت

Ки дӯд аз равзани девори зиндон барнаме ояд

که دود از روزن دیوار زندان برنمی‌آید

Чаҳ гирои сет кин тори зи мӯи борӣк тар дорад

چه گیرایی‌ست کاین تار ز مو باریک‌تر دارد

Касе аз доми ин нозуки миёнон барнаме ояд

کسی از دام این نازک‌میانان برنمی‌آید

Мҷуи осӯдагигар марди роҳии кандарин водӣ

مجو آسودگی گر مرد راهی کاندرین وادی

Чу хор аз пои баромади пои зи домон барнаме ояд

چو خار از پا برآمد پا ز دامان برنمی‌آید

Барам пеш ки ёрб шикваи андӯҳи дилтангӣ ?

برم پیش که یارب شکوه اندوه دلتنگی؟

Нафаси чандон ки май нолами парешон барнаме ояд

نفس چندان که می‌نالم پریشان برنمی‌آید

Ба дӯши халқи наъшами ибрат соҳибдилон бошад

به دوش خلق نعشم عبرت صاحبدلان باشد

Ба пои худ касе аз кӯии ҷонон барнаме ояд

به پای خود کسی از کوی جانان برنمی‌آید

Барор аз базми баҳс эй ҷазбаи тавҳиди ғолиб ро

برآر از بزم بحث ای جذبه توحید غالب را

Ки тарки содаи мо бо фақиҳон барнаме ояд

که ترک ساده ما با فقیهان برنمی‌آید