Хушо рӯзу шаби Калкаттау айши муқӣмонаш
خوشا روز و شب کلکته و عیش مقیمانش
Гўрнри меҳру мкнотни Баҳодури моҳи тобонаш
گورنر مهر و مکناتن بهادر ماه تابانش
Сикандар бо ҳамаи гарданкашии чоўўши даргоҳаш
سکندر با همه گردنکشی چاووش درگاهش
Арастӯ бо ҳамаи донишварии Тифли дабистонаш
ارسطو با همه دانشوری طفل دبستانش
Каманди гардани шерони Роми ҷавлони шабдизаш
کمند گردن شیران رم جولان شبدیزش
Ҷавоҳири серумаи чашми ғизолони гирди майдонаш
جواهر سرمه چشم غزالان گرد میدانش
Ба андоз таманнои ғоибонро дили гирифтораш
به انداز تمنا غایبان را دل گرفتارش
Ба ҳангоми тамошои ҳозиронро дидаи ҳайронаш
به هنگام تماشا حاضران را دیده حیرانش
Тани Суҳробу рустами раъшаи дор аз бими шамшераш
تن سهراب و رستم رعشه دار از بیم شمشیرش
Сари Искандару дорои фигор аз чӯби дарбонаш
سر اسکندر و دارا فگار از چوب دربانش
Забонҳо сотгини гардон ба пурсишҳои пайдоиш
زبانها ساتگین گردان به پرسشهای پیدایش
Нафасҳо бодаи паймои навозишҳои пинҳонаш
نفس ها باده پیمای نوازشهای پنهانش
Ба завқи лутфи ъоҷзпрўрии дилҳо накӯи хоҳиш
به ذوق لطف عاجزپروری دلها نکو خواهش
Ба шукр файз насифат густарии лабҳо санохонаш
به شکر فیض نصفت گستری لبها ثناخوانش
Шумори ҷавҳари асрори доноӣ з емонаш
شمار جوهر اسرار دانایی ز ایمانش
Фурӯғи ҷабҳаи маншури хоқонии зи унвонаш
فروغ جبهه منشور خاقانی ز عنوانش
Ҳам аз хӯбӣ ба базми андар дил афрӯзаст гуфтораш
هم از خوبی به بزم اندر دل افروزست گفتارش
Ҳам аз мардӣ ба разми андари ҷгрдўзсти пайконаш
هم از مردی به رزم اندر جگردوزست پیکانش
Агар гӯйӣ мурувват гӯям он рангии зи гулзораш
اگر گویی مروت گویم آن رنگی ز گلزارش
Агар гӯйӣ футувват гӯям он бӯеи зи бастонаш
اگر گویی فتوت گویم آن بویی ز بستانش
Ба мадҳаш гарчи кам гуфтам вале зон гӯна дар сифтам
به مدحش گرچه کم گفتم ولی زان گونه در سفتم
Ки дар силки ғазал ҷо додаам ғолиб ба девонаш
که در سلک غزل جا دادهام غالب به دیوانش