Гулу шамъам ба мазори шуҳадои гашти талаф
گل و شمعم به مزار شهدا گشت تلف
Нашудӣ розӣу умрам ба дуои гашти талаф
نشدی راضی و عمرم به دعا گشت تلف
Саъй дар марги рақибон гронҷон кардӣ
سعی در مرگ رقیبان گرانجان کردی
намешиносам ки чаҳ аз нозу адои гашти талаф
می شناسم که چه از ناز و ادا گشت تلف
Бо ғамати марги падари санҷам ва гӯям ҳайҳот
با غمت مرگ پدر سنجم و گویم هیهات
Нолае чанд ки дар кори қазои гашти талаф
ناله ای چند که در کار قضا گشت تلف
Омадӣ дайр ба пурсиш чаҳ нисорати орм
آمدی دیر به پرسش چه نثارت آرم
Ману умрӣ ки ба андӯҳи вафои гашти талаф
من و عمری که به اندوه وفا گشت تلف
Ранг ва буд турои баргу наво буд маро
رنگ و بود ترا برگ و نوا بود مرا
Рангу бӯи гашти куҳани баргу навои гашти талаф
رنگ و بو گشت کهن برگ و نوا گشت تلف
Гулу мл бояду доғам ки дарин ранҷи дароз
گل و مل باید و داغم که درین رنج دراز
Ҳар чаҳ буд аз зару симам ба давои гашти талаф
هر چه بود از زر و سیمم به دوا گشت تلف
Болу пар шояд ва меРом ки дарин банди гарон
بال و پر شاید و میرم که درین بند گران
Тобу тоқат ба хами доми балои гашти талаф
تاب و طاقت به خم دام بلا گشت تلف
Лутфи як рӯза талофӣ накунад умрӣ ро
لطف یک روزه تلافی نکند عمری را
Ки ба дрўизаҳи иқболи ҷафои гашти талаф
که به درویزه اقبال جفا گشت تلف
Гирами имрӯзи диҳии коми дили он ҳасани куҷо
گیرم امروز دهی کام دل آن حسن کجا
Аҷри нокомии сӣ солаи мо гашти талаф
اجر ناکامی سی ساله ما گشت تلف
Коши пои фалак аз сайр бимонадӣ ғолиб
کاش پای فلک از سیر بماندی غالب
Рӯзгорӣ ки талафи гашт чаро гашти талаф ?
روزگاری که تلف گشت چرا گشت تلف؟