Роҳии сет ки дар дил фитад ар хӯн равад аз дил

راهی ست که در دل فتد ار خون رود از دل

Ноед ба забони шиква ва берун равад аз дил

ناید به زبان شکوه و بیرون رود از دل

Оташ ба дамии об тасаллӣ шавад ва ман

آتش به دمی آب تسلی شود و من

Хӯни гирдам азон туф ки ба Ҷайҳун равад аз дил

خون گردم ازان تف که به جیحون رود از دل

Хоҳам ки ғам аз кулбаи ман гирди برارد

خواهم که غم از کلبه من گرد برآرد

То хоҳиш паймудан ҳомӯн равад аз дил

تا خواهش پیمودن هامون رود از دل

Сайл омад ва ҷӯшӣ зад ва дар баҳр фурӯ шуд

سیل آمد و جوشی زد و در بحر فرو شد

Найранги нигоҳаш чаҳ ба афсун равад аз дил ?

نیرنگ نگاهش چه به افسون رود از دل؟

Бо ман сухан аз сустӣ авҳом сарояд

با من سخن از سستی اوهام سراید

Кам хуррамии фол ҳумоюн равад аз дил

کم خرمی فال همایون رود از دل

Шахсаш ба хаёлам назанад поичаҳи боло

شخصش به خیالم نزند پایچه بالا

Ҳар чанд зи ҷӯши ҳавасам хӯн равад аз дил

هر چند ز جوش هوسم خون رود از دل

Дар табъ дигар раҳ надаҳум ҳеҷ ҳавас ро

در طبع دگر ره ندهم هیچ هوس را

Гар ҳасрати ишроқ Флотўн равад аз дил

گر حسرت اشراق فلاطون رود از دل

Гирами зи ту шарманда озарм набошам

گیرم ز تو شرمنده آزرم نباشم

Норафтани меҳри ту зи дил чун равад аз дил ?

نارفتن مهر تو ز دل چون رود از دل؟

Зон шеър ки дар шикваи хуй ту сароем

زان شعر که در شکوه خوی تو سرایم

Лафзам ба забон монад ва мазмун равад аз дил

لفظم به زبان ماند و مضمون رود از دل

Ғолиб набӯд кишти марои пораи абрӣ

غالب نبود کشت مرا پاره ابری

Ҷузи дӯди фиғонӣ ки ба гардун равад аз дил

جز دود فغانی که به گردون رود از دل