Дорем дар ҳавои ту мастӣ ба буии гул

داریم در هوای تو مستی به بوی گل

Мо рости бодае ки ту нӯшӣ ба рӯй гул

ما راست باده ای که تو نوشی به روی گل

Андозаи санҷи рашкаму тарсами зи интиқом

اندازه سنج رشکم و ترسم ز انتقام

Пӯшами зи шамъи чашм ва набинам ба сӯии гул

پوشم ز شمع چشم و نبینم به سوی گل

Бар гӯша бисот ғарибаст ва ошност

بر گوشه بساط غریبست و آشناست

Гулбуни диёри гул буду шохи кӯии гул

گلبن دیار گل بود و شاخ کوی گل

Андешаро ба ним адо метавон фирефт

اندیشه را به نیم ادا می توان فریفت

Хӯн кун дилӣ ки аз ту кунад орзӯии гул

خون کن دلی که از تو کند آرزوی گل

То гул ба рангу буи ки монад ? ки дар чаман

تا گل به رنگ و بوی که ماند؟ که در چمن

Гул дар пас гули омада дар ҷустуҷӯии гул

گل در پس گل آمده در جستجوی گل

Ҷӯши баҳори бас ки маҳораш гусаста аст

جوش بهار بس که مهارش گسسته است

Тозад ба дашти ноқаи бероҳаи пўии гул

تازد به دشت ناقه بیراهه پوی گل

Ҳаии зуди гири зуди гусали ҳаии ҷгии ҷгӣ

هی زود گیر زود گسل هی جگی جگی

Дар хашми хуии шуъла ва дар меҳри хуии гул ,

در خشم خوی شعله و در مهر خوی گل،

Зон гуҳ ки андалеб лақаб додае маро

زان گه که عندلیب لقب داده ای مرا

Афзӯдае умеди ману обрӯии гул

افزوده ای امید من و آبروی گل

Дар мавсими тамӯзи гулобӣ ба тан бирез

در موسم تموز گلابی به تن بریز

То оби рафта боз бияёд ба ҷӯии гул

تا آب رفته باز بیاید به جوی گل

Ғолиби зи вазъ толибам ояд ҳаё ки дошт

غالب ز وضع طالبم آید حیا که داشت

« чашмӣ ба сӯии булбулу чашмӣ ба сӯии гул »

«چشمی به سوی بلبل و چشمی به سوی گل »