На марои давлати дунё на марои аҷри ҷамил
نه مرا دولت دنیا نه مرا اجر جمیل
На чу намруди тавоно на шикеб чу халил
نه چو نمرود توانا نه شکیبا چو خلیل
Бо рақибони кафи соқӣ ба май ноби Карим
با رقیبان کف ساقی به می ناب کریم
Бо ғарибони лаби Ҷайҳун ба дамии оби бахил
با غریبان لب جیحون به دمی آب بخیل
Бунау бор ба шабгири дроФгндаҳ ба роҳ
بنه و بار به شبگیر درافگنده به راه
Он ки донист саросемагии субҳи раҳил
آن که دانست سراسیمگی صبح رحیل
Ҳону ҳон эй гуҳарин пораи симини соид
هان و هان ای گهرین پاره سیمین ساعد
Каз дами теғи блисӣ ба забони хӯни қтил
کز دم تیغ بلیسی به زبان خون قتیل
Бас кун аз арбада то чанд рибоӣ ба фусӯс
بس کن از عربده تا چند ربایی به فسوس
Аз гадоёни сар ва аз тораки шоҳони иклил
از گدایان سر و از تارک شاهان اکلیل
Ту набошӣ , дгарӣ , кӯй ту набӯд , чаманӣ
تو نباشی، دگری، کوی تو نبود، چمنی
Кӣ шдстим ба дилтангии ҷовиди кафил ?
کی شدستیم به دلتنگی جاوید کفیل؟
Тарси мавқуф чаҳ шуд рашк набинӣ ки дигар
ترس موقوف چه شد رشک نبینی که دگر
Дорам оҳанги ниёйишгарии раби ҷалил
دارم آهنگ نیایشگری رب جلیل
эй ба мсмори қазои дӯхтаи чашми Иблис
ای به مسمار قضا دوخته چشم ابلیس
Ба дами грмрўони сӯхтаи боли ҷбрил
به دم گرمروان سوخته بال جبریل
Бо туами хуррамии хотири Мӯсо бар тавр
با توام خرمی خاطر موسی بر طور
Бо худами хастагии лашкари фиръавн ба нил
با خودم خستگی لشکر فرعون به نیل
Бар камоли ту дар андозаи камоли ту муҳӣт
بر کمال تو در اندازه کمال تو محیط
Бар вуҷӯди ту дар андешаи вуҷӯди ту далел
بر وجود تو در اندیشه وجود تو دلیل
Накунӣ чораи лаби хушки мусулмонӣ ро
نکنی چاره لب خشک مسلمانی را
эй ба трсобчгон карда май ноби сиблат
ای به ترسابچگان کرده می ناب سبیل
Ғолиби сӯхтаи ҷонро чаҳ ба гуфтори оре ?
غالب سوخته جان را چه به گفتار آری؟
Ба диёрӣ ки ндонанд назирии зи қтил
به دیاری که ندانند نظیری ز قتیل