Болам ба хеши бас ки ба банди каманди ту
بالم به خویش بس که به بند کمند تو
Мардум гумон кунанд ки тангам ба банди ту
مردم گمان کنند که تنگم به بند تو
Озодем нахоҳӣу тарсами казин нишот
آزادیم نخواهی و ترسم کزین نشاط
Нолам ба худ чунон ки нагунҷам ба банди ту
نالم به خود چنان که نگنجم به بند تو
Наз хеши носипосӣ ва наз соя дар ҳарос
نز خویش ناسپاسی و نز سایه در هراس
Гӯйӣ расидаам ба дили дардманди ту
گویی رسیده ام به دل دردمند تو
Ранҷ қазост ҳиммати осони гузори мо
رنج قضاست همت آسان گذار ما
Қаҳр худост хотири мушкили писанди ту
قهر خداست خاطر مشکل پسند تو
Аз мо чаҳ дидае ки ба мо аз гудози дил
از ما چه دیده ای که به ما از گداز دل
Ҳамчун шукр дар об буд нӯшханди ту
همچون شکر در آب بود نوشخند تو
эй марги марҳабо , чаҳ гиронмояи дилбарӣ
ای مرگ مرحبا، چه گرانمایه دلبری
Чашми бад аз ту даври накӯёни сапанди ту
چشم بد از تو دور نکویان سپند تو
эй каъба чун ман аз дили ёри аўФтодаҳ эй сет
ای کعبه چون من از دل یار اوفتاده ای ست
Ин бут ки аўФтодаҳи зи тоқи баланди ту
این بت که اوفتاده ز طاق بلند تو
Дар раҳгузар ба пурсиши могар кашӣ чаҳ бок
در رهگذر به پرسش ما گر کشی چه باک
Охир шароб нест Аннани саманди ту
آخر شراب نیست عنان سمند تو
Он каз ту дил рабӯда надонам ки бӯдааст ?
آن کز تو دل ربوده ندانم که بوده است؟
Ёрб ки даври боди зи ҷонаши газанди ту
یارب که دور باد ز جانش گزند تو
Ҳаргунаи ранҷ каз ту дар андешаи доштам
هرگونه رنج کز تو در اندیشه داشتم
Ҳам бо ту дар мубоҳиса гуфтам ба панди ту
هم با تو در مباحثه گفتم به پند تو
Ғолиби сипоси гӯй ки мо аз забони дӯст
غالب سپاس گوی که ما از زبان دوست
намебишинавем шикваи бахти нижанди ту
می بشنویم شکوه بخت نژند تو