Ҷузи дафъи ғами зи бодаи набӯдаи сети коми мо
جز دفع غم ز باده نبودهست کام ما
Гӯйии чароғи рӯз сиёҳаст ҷоми мо
گویی چراغ روز سیاه است جام ما
Дар хилваташ гузарад набӯд бодро магар
در خلوتش گذر نبود باد را مگر
Сарсар ба хоки роҳи расонади паёми мо
صرصر به خاک راه رساند پیام ما
эй боди субҳ ! атрӣ аз он перҳан биор
ای باد صبح! عطری از آن پیرهن بیار
Таскини зи буи гул напазирад машоми мо
تسکین ز بوی گل نپذیرد مشام ما
Ҳрбори донаи баҳри ҳумои аФгниму мӯр
هر بار دانه بهر هما افگنیم و مور
Ояд ба дом ва дона рибоед зи доми мо
آید به دام و دانه رباید ز دام ما
Гуфтӣ : чу ҳоли дили шунӯд меҳрбон шавад
گفتی چو حال دل شنود مهربان شود
Мушкил ки пеши дӯсти тавон баради номи мо
مشکل که پیش دوست توان برد نام ما
Аз мо ба мо паём ва ҳам аз мо ба мо салом
از ما به ما پیام و هم از ما به ما سلام
Ранҷ дилӣ мабод паёму саломи мо
رنج دلی مباد پیام و سلام ما
Мақсӯди мо зи даҳр ҳар ойӣнаи нестии сет
مقصود ما ز دهر هر آیینه نیستیست
ё раб ки ҳеҷ дӯсти мабодо ба коми мо
یا رب که هیچ دوست مبادا به کام ما
Ғолиб ба қавли ҳазрати ҳофизи зи файзи ишқ
غالب به قول حضرت حافظ ز فیض عشق
« сабтаст бар ҷаридаи олами давоми мо »
«ثبت است بر جریدهٔ عالم دوام ما»