зи ман ?герат набӯд бовари интизор , биё

ز من گرت نبود باور انتظار، بیا

Баҳона ҷӯй мабошу ситезаи кор , биё

بهانه‌جوی مباش و ستیزه‌کار، بیا

Ба як ду шеваи ситам , дил намешавад хурсанд

به یک دو شیوه ستم، دل نمی‌شود خرسند

Ба марги ман ки ба сомони рӯзгори биё

به مرگ من که به سامان روزگار بیا

Баҳона ҷӯаст дар илзоми муддаии шавқат

بهانه‌جوست در الزام مدعی شوقت

Яке ба рағми дили ноумедвори биё

یکی به رغم دل ناامیدوار بیا

Ҳалоки шева ӣ тамкин , махоҳ мисатон ро

هلاکِ شیوه‌ی تمکین، مخواه مستان را

Аннани гусастатар аз боди навбаҳори биё

عنان گسسته‌تر از باد نوبهار بیا

з мо гусастӣ ва бо дигарон гарави бастӣ

ز ما گسستی و با دیگران گرو بستی

Биё , ки аҳд вафо нест устувор , биё

بیا، که عهدِ وفا نیست استوار، بیا

Видоъу васли ҷудогона лиззатӣ дорад

وداع و وصل جداگانه لذتی دارد

Ҳазор бор бирав , садҳазори бори биё

هزار بار برو، صدهزار بار بیا

Ту Тифли содаи дил ва ҳам нишин бдомўзст

تو طفلِ ساده‌دل و هم‌نشین بدآموزست

Ҷиноза гар натавон дид бар мазори биё

جنازه گر نتوان دید بر مزار بیا

Фиреби хӯрда ӣ нозам чаҳ ҳо намехоҳам ?

فریب‌خورده‌ی نازم چه‌ها نمی‌خواهم؟

Яке ба пурсиши ҷони умедвори биё

یکی به پرسشِ جانِ امیدوار بیا

з хуй туаст ниҳоди шикеби нозук тар

ز خویِ توست نهادِ شکیب نازک‌تر

Биё ки даст ва дилам меравад зи кор , биё

بیا که دست و دلم می‌رود ز کار، بیا

Ривоҷ савмиъа ҳастӣ сет зинҳор Марв

رواجِ صومعه هستی‌ست زینهار مرو

Матоъ май кодаи мастии сети ҳӯшёр , биё

متاعِ می‌کده مستی‌ست هوشیار، بیا

Ҳисори офиятигар ҳавас кунӣ ғолиб

حصار عافیتی گر هوس کنی غالب

Чу мо ба ҳалқа ӣ риндони хоксори биё

چو ما به حلقه‌ی رندانِ خاکسار بیا