Он ки бепарда ба сад доғи намоёнами сӯхт
آن که بی پرده به صد داغ نمایانم سوخت
Дидаи пӯшед ва гумон кард ки пинҳонами сӯхт
دیده پوشید و گمان کرد که پنهانم سوخت
На бадари ҷустаи шарор ва на баҷои мондаи рмод
نه بدر جسته شرار و نه بجا مانده رماد
Сӯхтам лек надонам ба чаҳ унвонами сӯхт
سوختم لیک ندانم به چه عنوانم سوخت
Сина аз ашки ҷудо , дидаи ҷудо май сӯзад
سینه از اشک جدا، دیده جدا می سوزد
Ин раги абри шррбори парешонами сӯхт
این رگ ابر شرربار پریشانم سوخت
Ҳоҷат афтод ба рӯзами зи сиёҳӣ ба чароғ
حاجت افتاد به روزم ز سیاهی به چراغ
Дил ба бе равнақии меҳри дурахшонами сӯхт
دل به بی رونقی مهر درخشانم سوخت
Судам аз арзишами афзӯн буд он хору хасам
سودم از ارزشم افزون بود آن خار و خسم
Каз паии пашшаи тавон дар чмнстонми сӯхт
کز پی پشه توان در چمنستانم سوخت
Кофари ишқам ва дӯзах набӯд дар хури ман
کافر عشقم و دوزخ نبود در خور من
Ғайрати гармии ҳангомаи снъонми сӯхт
غیرت گرمی هنگامه صنعانم سوخت
Поем аз гармии рафтор наме сӯхт ба роҳ
پایم از گرمی رفتار نمی سوخت به راه
Дар қадам сӯхтани хори биёбонами сӯхт
در قدم سوختن خار بیابانم سوخت
То ндонӣ ба фусуни ту дар оташ рафтам
تا ندانی به فسون تو در آتش رفتم
Худ ба доғи ту дили дайри пушаймонами сӯхт
خود به داغ تو دل دیر پشیمانم سوخت
Кардам аз санги ҷигар то нашавам хастаи ишқ
کردم از سنگ جگر تا نشوم خسته عشق
Ҳам бидон санг ба ҳам хӯрдани пайконами сӯхт
هم بدان سنگ به هم خوردن پیکانم سوخت
Дигар аз хотимаи куфр чаҳ гӯям ғолиб
دیگر از خاتمه کفر چه گویم غالب
Ман ки рухшандагии ҷавҳари имонами сӯхт
من که رخشندگی جوهر ایمانم سوخت