Нигаҳ ба чашми ниҳону зи ҷабҳа чин пайдост

نگه به چشم نهان و ز جبهه چین پیداست

Шигарфии ту з андоз меҳр ва кин пайдост

شگرفی تو ز انداز مهر و کین پیداست

Назораи арзи ҷамолати з навбаҳор гирифт

نظاره عرض جمالت ز نوبهار گرفت

Шикваи соҳиби хирмани зи хӯша чин пайдост

شکوه صاحب خرمن ز خوشه چین پیداست

Расед теғи туам бар сару зи синаи гузашт

رسید تیغ توام بر سر و ز سینه گذشت

Зиҳии шукуфтагии дил ки аз ҷабин пайдост

زهی شکفتگی دل که از جبین پیداست

Ба ҷурми дидаи хўнбори куштае мо ро

به جرم دیده خونبار کشته ای ما را

Турои зи доман ва моро з остин пайдост

ترا ز دامن و ما را ز آستین پیداست

Зиҳии латофати пардози саъии абри баҳор

زهی لطافت پرداز سعی ابر بهار

Ки ҳар чаҳ дар дил бодаст аз замин пайдост

که هر چه در دل بادست از زمین پیداست

Фатилаи раги ҷони сар ба сар гудохта шуд

فتیله رگ جان سر به سر گداخته شد

зи печу тоби нафасҳои оташин пайдост

ز پیچ و تاب نفسهای آتشین پیداست

Нафас гудохтани ҷилва дар ҳавои қадаш

نفس گداختن جلوه در هوای قدش

з хуй фишонӣ он рӯй нозанин пайдост

ز خوی فشانی آن روی نازنین پیداست

Айёри фитрати пешинёни зи мо хезад

عیار فطرت پیشینیان ز ما خیزد

Сафои бода аз ин дард таҳ нишин пайдост

صفای باده از این درد ته نشین پیداست

Зиҳии шикваи ту кандар тарози сӯрати ту

زهی شکوه تو کاندر طراز صورت تو

зи худ баромадани сӯрат офарин пайдост

ز خود برآمدن صورت آفرین پیداست

Ниҳоди нарми зи ширинии сухани ғолиб

نهاد نرم ز شیرینی سخن غالب

Ба сони муми зи аҷзоӣ ангабин пайдост

به سان موم ز اجزای انگبین پیداست