Чаҳ фитнаҳо ки дар андозаи гумон ту нест

چه فتنه ها که در اندازه گمان تو نیست

Қиёмати сети дили дайри меҳрбон ту нест

قیامت ست دل دیر مهربان تو نیست

Фиреб оштӣам даҳ , зафари мубораки бод ,

فریبِ آشتی ام دِه ، ظفر مبارک باد،

Дил ситам зада дар банди имтиҳон ту нест

دل ستم زده در بند امتحان تو نیست

Магари зи пораи сангам ки риздти дами теғ

مگر ز پاره سنگم که ریزدت دم تیغ

Бикаш , матарс ки дар суди ман зиён ту нест

بکش، مترس که در سود من زیان تو نیست

Дилам ба аҳд вафое фирефт нома сипор

دلم به عهد وفایی فریفت نامه سپار

Хуши сети ваъдаи ту гарчи аз забон ту нест

خوش ست وعده تو گرچه از زبان تو نیست

Шикасти ранги ту аз ишқи хуши тамошоеи сет

شکست رنگ تو از عشق خوش تماشایی ست

Баҳори даҳр ба рангинии хазон ту нест

بهار دهر به رنگینی خزان تو نیست

Шабоҳатии сети мари онро ки барнаёмада аст

شباهتی ست مر آن را که برنیامده است

Вагар на мӯӣ ба борикии миён ту нест

وگر نه موی به باریکی میان تو نیست

з ҳақ маранҷ ва дар абрӯи зи хашми чини мФгн

ز حق مرنج و در ابرو ز خشم چین مفگن

Хуши сети расми вафо гарчи дар замон ту нест

خوش ست رسم وفا گرچه در زمان تو نیست

Итобу меҳри тмошоиён ҳавсила анд

عتاب و مهر تماشاییان حوصله اند

Ба ҳеҷ арбадаи андешаи роздон ту нест

به هیچ عربده اندیشه رازدان تو نیست

Равони фидои ту кам , номи бардае носеҳ ,

روان فدایِ تو  کِم ، نام  بُرده ای ناصح،

Зиҳии латофати завқӣ ки дар баён ту нест

زهی لطافت ذوقی که در بیان تو نیست

Дил аз хамӯшӣ лаълат умедвор чарост ?

دل از خموشی لعلت امیدوار چراست؟

Чаҳ гуфтае ба забонӣ ки дар даҳон ту нест ?

چه گفته ای به زبانی که در دهان تو نیست؟

Гумон зист буд бар миннати з бе дардӣ

گمان زیست بود بر منت ز بی دردی

Бадасти марг вале бадтар аз гумон ту нест

بدست مرگ ولی بدتر از گمان تو نیست

Айёри оташи сӯзон гирифтаам сад бор

عیار آتش سوزان گرفته ام صد بار

Ба синаи тобии доғи ғами ниҳон ту нест

به سینه تابی داغ غم نهان تو نیست

Тағофули ту далели тҷоҳли афтодаи сет

تغافل تو دلیل تجاهل افتاده ست

Туу худои ту , ғолиби зи бандагон ту нест ?

تو و خدای تو، غالب ز بندگان تو نیست؟