Млаҳро остари хсқӣ ва воло нарасад

مله را آستر خسقی و والا نرسد

Ҳамаи касро бҷҳони мансаб воло нарасад

همه کس را به جهان منصب والا نرسد

Кас напушед бболои қабои пероҳан

کس نپوشید به بالای قبا پیراهن

Анкаҳро зер буд ҷой бболо нарасад

انکه را زیر بود جای به بالا نرسد

Ҷомаи суфи каттон гарчи брисди борӣк

جامه صوف کتان گرچه بریسد باریک

Кўмхўони нақш ки дар ҳасан бкмхо нарасад

کو مخوان نقش که در حسن به کمخا نرسد

Дгмҳоӣӣ ки ниҳоданд бмшкини воло

دگمهائی که نهادند بمشکین والا

Ҳақаш онаст ки лўлўст блоло нарасад

حقش آنست که لولوست به لالا نرسد

Пеши ҷайбу яқаи суфи мураббаъи нозам

پیش جیب و یقه صوف مربع نازم

Гарчи бар доман ӯ даст таманно нарасад

گرچه بر دامن او دست تمنا نرسد

Инчунин ҷўзи гиреҳи кони змъонии бастам

اینچنین جوز گره کان ز معانی بستم

Донам аз бахти бади арзонкаҳ бҷўзо нарасад

دانم از بخت بد ار زانکه به جوزا نرسد

Қории ин шеър ки дар албасаи дрмибоФӣ

قاری این شعر که در البسه درمیبافی

Бмъонии ту ҳар бесарв бепо нарасад

به معانی تو هر بی سر و بی پا نرسد