Биё , биё , ки маро бо ту нисбат ҷо нест
بیا، بیا، که مرا با تو نسبت جا نیست
Биё , биё , ки маро бо ту роз пинҳонӣаст
بیا، بیا، که مرا با تو راز پنهانیست
Баҳақи он нафасӣ каз ту зинда шуд дили ман
بحق آن نفسی کز تو زنده شد دل من
Ки ҳар дамӣ ки задам бе ту сайди пшимонист
که هر دمی که زدم بی تو صید پشیمانیست
Бадӯри ҳасани ту имон бкФр наздикаст
بدور حسن تو ایمان بکفر نزدیکست
зи куфри зулфи ту як мӯӣ то мусулмонӣаст
ز کفر زلف تو یک موی تا مسلمانیست
Биёади дӯсти дилатгар на маст ва масрураст
بیاد دوست دلت گر نه مست و مسرورست
Дилаш магӯӣ , ки дил нест хайбар сонӣаст
دلش مگوی، که دل نیست خیبر ثانیست
Миёни гулшани васлаши зи шом то саҳар
میان گلشن وصلش ز شام تا سحر
Нафири бонг « аноолҳқ » сафир субҳонӣаст
نفیر بانگ «اناالحق » صفیر سبحانیست
з ғоибон бигурезу бҳозрони пайванд
ز غایبان بگریز و بحاضران پیوند
Ки ҷони аҳли саодат бсФўт арзонӣаст
که جان اهل سعادت بصفوت ارزانیست
Аҷаби мадор ки қосими сухани з сӯрат гуфт
عجب مدار که قاسم سخن ز صورت گفت
Миёни ҷилваи сӯрат ҷамол рӯҳонӣаст
میان جلوه صورت جمال روحانیست