Дилро зи ҷони гзири вази ҷонон гзир нест
دل را ز جان گزیر وز جانان گزیر نیست
Ғайр аз ҳавои дӯсти насир ва Заҳир нест
غیر از هوای دوست نصیر و ظهیر نیست
Сӯфӣ , ки лофи нур каромот мезанад
صوفی، که لاف نور کرامات میزند
То масти нур ёр нашуд мстнир нест
تا مست نور یار نشد مستنیر نیست
Асрори дӯстро нашносад бҳичи ҳол
اسرار دوست را نشناسد بهیچ حال
Ҷонӣ ки ҳамчуи оинаи равшан замир нест
جانی که همچو آینه روشن ضمیر نیست
Воъиз , бирав ҳикояти тақлидро бимон
واعظ، برو حکایت تقلید را بمان
Афсонаи пеши аҳли дилон дилпазир нест
افسانه پیش اهل دلان دلپذیر نیست
Чашмӣ ки рӯй дӯст набинад бҳичи ҳол
چشمی که روی دوست نبیند بهیچ حال
ӯ мазҳари таҷаллии исм басир нест
او مظهر تجلی اسم بصیر نیست
Ҳаргизи бҷзби хотири ту майл мо нашуд
هرگز بجذب خاطر تو میل ما نشد
Рӯ , рӯ , ки бози соиди шаҳи мӯш гир нест
رو، رو، که باز ساعد شه موش گیر نیست
Ҷони нусрат аз ту хоҳаду ҳайрони тести ақл
جان نصرت از تو خواهد و حیران تست عقل
Дилро биҷузи влои ту нъм алнсир нест
دل را بجز ولای تو نعم النصیر نیست
Як дами бкўӣ мо бигузаштӣу солҳост
یک دم بکوی ما بگذشتی و سالهاست
Дар ҳеҷ гӯша нест ки буи абир нест
در هیچ گوشه نیست که بوی عبیر نیست
Қосим бар остони ҷалолати ниҳодаи сар
قاسم بر آستان جلالت نهاده سر
Ҷузи хоки остони ту ҷонро мсир нест
جز خاک آستان تو جان را مصیر نیست