Гиребон май дирами ҳрдм ки : домони дрмкш аз мо

گریبان می‌درم هردم که: دامان درمکش از ما

Ки мо муштоқ дидорему ринду ошиқу шайдо

که ما مشتاق دیداریم و رند و عاشق و شیدا

Ба чашми маст мигўнт бигӯ : эй тарки яғмое

به چشم مست میگونت بگو: ای ترک یغمایی

Ки : охир чист мақсӯдати зи чандини ғорати дилҳо ?

که: آخر چیست مقصودت ز چندین غارت دل‌ها؟

Азон хуршеди рухсорати саводи зулфи як сӯ кун

ازان خورشید رخسارت سواد زلف یک سو کن

Ки муштоқон ба рӯз оянд аз торикии шаб ҳо

که مشتاقان به روز آیند از تاریکی شب‌ها

Чунон дар ишқ як рӯем кигар теғам равад бар сар

چنان در عشق یک رویم که گر تیغم رود بر سر

Ба рӯз имтиҳон бошам чу шамъи устодаи побарҷо

به روز امتحان باشم چو شمع استاده پابرجا

зи сар то пои ҳамаи ҷонам , ки ғарқи ишқи ҷононм

ز سر تا پا همه جانم، که غرق عشق جانانم

Ҳама ишқаст арқонам , зи сар то по , зи сар то по

همه عشقست ارکانم، ز سر تا پا، ز سر تا پا

зи зулф дил парешонаст гуфтам ; гуфт : ошиқ ро

ز زلف دل پریشانست گفتم؛ گفت: عاشق را

Шароби лаъл май бояд алоҷи иллати савдо

شراب لعل می‌باید علاج علت سودا

зи қосими ишқ май борад , зи воъизи зуҳду раъное

ز قاسم عشق می‌بارد، ز واعظ زهد و رعنایی

Ки « бъдолмшрқин » омад миёни шайху мавлоно

که «بعدالمشرقین» آمد میان شیخ و مولانا