Чашми сармасти ту моро бастами кории кишт
چشم سرمست تو ما را بستم کاری کشت
Дид сад зории мороу бсди зории кишт
دید صد زاری ما را و بصد زاری کشت
Сурх шуд чеҳраи зардами зи сиришки гулгун
سرخ شد چهره زردم ز سرشک گلگون
Ки маро ёр бидон чеҳраи гулнории кишт
که مرا یار بدان چهره گلناری کشت
Борҳои нози туами кишт ва аҷаб ме дорам
بارها ناز توام کشت و عجب می دارم
Зон шукри хандаи ширин ки басари бории кишт
زان شکر خنده شیرین که بسر باری کشت
Гуфтамаш : ёри манӣ , гуфт ки : ағёр , на ёр
گفتمش: یار منی، گفت که: اغیار، نه یار
Андарин шеваи марои ёри боғёрии кишт
اندرین شیوه مرا یار باغیاری کشت
Ҷурм ман чист ? бар пери Муғони вогўиид
جرم من چیست؟ بر پیر مغان واگویید
Ки : марои соқӣ аз астизаҳи бҳшёрии кишт
که: مرا ساقی از استیزه بهشیاری کشت
Чашми сармаст туро дидам ва ҳушёр шудам
چشم سرمست ترا دیدم و هشیار شدم
Ки марои наргиси масти ту ббимории кишт
که مرا نرگس مست تو ببیماری کشت
зи аввали ишқ дилам дод ки : қосим , мҳрос
ز اول عشق دلم داد که: قاسم، مهراس
Охири аламри марои ёри бдлдории кишт
آخر الامر مرا یار بدلداری کشت