Ҳаргизи ҳавои васли ту аз ҷон мо нарафт

هرگز هوای وصل تو از جان ما نرفت

Савдои салтанати зи сари ин гадо нарафт

سودای سلطنت ز سر این گدا نرفت

Як шаб нашуд ки аз ғами ишқати зи чашму дил

یک شب نشد که از غم عشقت ز چشم و دل

Сайлобҳо наомад ва фарёдҳо нарафт

سیلابها نیامد و فریادها نرفت

Қалбӣ ки нақди давлат дрдтро наҷуст

قلبی که نقد دولت دردترا نجست

Миси пораи ист каз талаби кимёнрФт

مس پاره ایست کز طلب کیمیانرفت

Гуфтӣ : саг манаст фалон , муҳтарам шудам

گفتی:سگ منست فلان، محترم شدم

Ҳаргизи чунин муболиға дар мадҳ мо нарафт

هرگز چنین مبالغه در مدح ما نرفت

Ошиқ нашуд дилӣ ки наомад асири ғам

عاشق نشد دلی که نیامد اسیر غم

Содиқ набӯд ҳар ки бтиғ бало нарафт

صادق نبود هر که بتیغ بلا نرفت

Рӯзӣ ки дил шикаста наомад бкўии ту

روزی که دل شکسته نیامد بکوی تو

Бо тӯҳфае зи дард , ки бо сад даво нарафт ?

با تحفه ای ز درد،که با صد دوا نرفت؟

Арзони хариди дарди ту қосими бҷону дил

ارزان خرید درد تو قاسم بجان و دل

Бо муштарии муболиғае дар баҳо нарафт

با مشتری مبالغه ای در بها نرفت