Зулфат шаб қадараст , зиҳии сояи ммдўд !
زلفت شب قدرست،زهی سایه ممدود!
Рӯят ма бадараст , зиҳии толеъи масъӯд !
رویت مه بدرست،زهی طالع مسعود!
Дар бодияи меҳнати ҳиҷрон , шаби торик
در بادیه محنت هجران،شب تاریک
Бе нури рахти ҷони набарди роҳи бмқсўд
بی نور رخت جان نبرد راه بمقصود
Дар бодау зовияи ҷуз дӯст надидем
در باده و زاویه جز دوست ندیدیم
Ин роҳи бдонстм ва ин бодияи паймӯд
این راه بدانستم و این بادیه پیمود
Аз маскани ҷонҳогли сад барг бар омад
از مسکن جانهاگل صد برگ بر آمد
То сунбули сероби ту брбрги самани суд
تا سنبل سیراب تو بربرگ سمن سود
Аз ҳасан ҳувайдо шавад ин ишқи ҷаҳони сӯз
از حسن هویدا شود این عشق جهان سوز
Ин ҷо бишносӣ сифати шоҳиду машҳӯд
این جا بشناسی صفت شاهد و مشهود
Як ғамзаи зи ту додан ва сад ҷону дил аз мо
یک غمزه ز تو دادن و صد جان و دل از ما
Бурданди боқиболи ту сўдоздгони суд
بردند باقبال تو سودازدگان سود
Ҳайрони ту имрӯз нашуд қосими мискин
حیران تو امروز نشد قاسم مسکین
То ҳаст чунин бошад ва то буд чунин буд
تا هست چنین باشد و تا بود چنین بود