Ҳазор бори намаки рехт бар ҷароҳати мо
هزار بار نمک ریخت بر جراحت ما
Бшиўҳои малоҳат , зиҳии малоҳати мо !
بشیوهای ملاحت، زهی ملاحت ما!
зи дасти ҷаври ҷаҳони дили халоси гашти тамом
ز دست جور جهان دل خلاص گشت تمام
зи саъйҳо ки ғамаш кард дар ҳимояти мо
ز سعیها که غمش کرد در حمایت ما
Ҳазор теғи ҷафо аз ту бар ҷигар хӯрдем
هزار تیغ جفا از تو بر جگر خوردیم
Халал пазир нашуд заррае иродати мо
خلل پذیر نشد ذره ای ارادت ما
Биё , ки бо ту чу об ҳаёт ширинаст
بیا، که با تو چو آب حیات شیرینست
Ҳазор теғи ситам гар шавад ҳўолти мо
هزار تیغ ستم گر شود حوالت ما
Агар савол кунад : офати дил ва дайн кист ?
اگر سؤال کند: آفت دل و دین کیست؟
Бичишам маст ту бошад ҳамаи ишорати мо
بچشم مست تو باشد همه اشارت ما
Туе ки шоҳиди ҷонии бовелу охир
تویی که شاهد جانی باول و آخر
Ҳамин буд нафаси охирин шаҳодати мо
همین بود نفس آخرین شهادت ما
Чу сари ҳасан ту шуд кашфи ҷон қосим гуфт
چو سر حسن تو شد کشف جان قاسم گفت
Ки : фош шуд ба ҷаҳони қиссаи иродати мо
که: فاش شد به جهان قصه ارادت ما