« иҳбаҳу иҳбўнм » чунин фармуд :
«یحبه و یحبونم » چنین فرمود:
Ки инъиқоди муҳаббати зи ҷониби мо буд
که انعقاد محبت ز جانب ما بود
Магар дар оинаи ҷони ҷамоли худро дид
مگر در آینه جان جمال خود را دید
Аз он сабаб ки ҳамӯ шоҳидаст ва ҳам машҳӯд
از آن سبب که همو شاهدست و هم مشهود
Балии ҳаёт азал дод дод мавҷӯдот
بلی حیات ازل داد داد موجودات
Ки мбтдоӣ вуҷӯдаст ва миннатҳоиу дӯд
که مبتدای وجودست و منتهای و دود
Шробхонаҳ ишқаст ин ҷаҳону дарав
شرابخانه عشقست این جهان و درو
Ҳазор наъраи мисатон , ҳазор байту сурӯд
هزار نعره مستان، هزار بیت و سرود
зи акси ҳуби азали ишқи мо ҳувайдо шуд
ز عکس حب ازل عشق ما هویدا شد
Ҷамоли ишқи зи як рӯи ҳазор рӯй намӯд
جمال عشق ز یک رو هزار روی نمود
Муҳаббат аз туу ҷон аз ту дайну дил аз ту
محبت از تو و جان از تو دین و دل از تو
Туе ки бахти баландӣу толеъи масъӯд
تویی که بخت بلندی و طالع مسعود
Бўҳми роҳи Марв , хештан накӯ бишнос
بوهم راه مرو، خویشتن نکو بشناس
Ки ним ҳуба наярзад ҳабиби номавҷӯд
که نیم حبه نیرزد حبیب ناموجود
Ғуломи ҳиммати он хотирам , ки дар раҳи ишқ
غلام همت آن خاطرم، که در ره عشق
Каминаи ҷуръаи ҷомаши ҳазор дарё буд
کمینه جرعه جامش هزار دریا بود
Биё , ки қосими бечораи бод паймо шуд
بیا، که قاسم بیچاره باد پیما شد
Бъзри онкии ҳамаи умри бод май паймӯд
بعذر آنکه همه عمر باد می پیمود