Маст будем бглбонги ту ҳушёри шудем

مست بودیم بگلبانگ تو هشیار شدیم

Хуфта будем боўози ту бедори шудем

خفته بودیم بآواز تو بیدار شدیم

Шурӣ аз майкадаи ишқи ту дар ҷон афтод

شوری از میکده عشق تو در جان افتاد

Фориғ аз хирқау саҷҷодау зуннори шудем

فارغ از خرقه و سجاده و زنار شدیم

Ҳама гуфтанд ки : ӯ озим хумор шудаст

همه گفتند که: او عازم خمار شدست

Кафи занони рақси кунон бар дар хумори шудем

کف زنان رقص کنان بر در خمار شدیم

Чун бидидем ки васли ту бмо ме нарасад

چون بدیدیم که وصل تو بما می نرسد

Бо дили шефтаи хуш бар сари зинҳори шудем

با دل شیفته خوش بر سر زنهار شدیم

Ман чаҳ гӯям ки : насимии зи висоли ту вазид ?

من چه گویم که: نسیمی ز وصال تو وزید؟

Хор будему лекини ҳамаи гулзори шудем

خار بودیم و لیکن همه گلزار شدیم

Ғайри ту бо ту ҳиҷобаст , баҷое нарасед

غیر تو با تو حجابست، بجایی نرسید

Пушти поеи бздим аз ҳамаи безори шудем

پشت پایی بزدیم از همه بیزار شدیم

Партав рӯй ту бар чеҳра зардам афтод

پرتو روی تو بر چهره زردم افتاد

Аз сафои рухи ту қосими анвори шудем

از صفای رخ تو قاسم انوار شدیم