Зон накҳати мишкӣн , ки ҳаме ояд аз он сӯ

زان نکهت مشکین،که همی آید از آن سو

То фонӣ мутлақ нашӯй дили набарди бӯ

تا فانی مطلق نشوی دل نبرد بو

Чун маст шудӣ маскани ҷон , лаҷа дарёст

چون مست شدی مسکن جان، لجه دریاست

Ҳушёр шудӣ , ҷониби баҳри о , зи лаби ҷӯ

هشیار شدی، جانب بحر آ، ز لب جو

Он моҳи ҷаҳон аз ҳамаи рӯи зоҳир ва пайдост

آن ماه جهان از همه رو ظاهر و پیداست

Чун фохта то чанд зании наъра ки : кӯ , кӯ ?

چون فاخته تا چند زنی نعره که: کو،کو؟

Гар ёри ндидидӣ , баталаб дар ҳама ҷое

گر یار ندیدیدی، بطلب در همه جایی

То ёр набинӣ нашавад кори ту некӯ

تا یار نبینی نشود کار تو نیکو

Мизони худо ақл шарифаст дарин роҳ

میزان خدا عقل شریفست درین راه

Гар ту сабк ое набӯд айби тарозу

گر تو سبک آیی نبود عیب ترازو

Ман ошиқи он рӯй дили афрӯзаму ҳайрон

من عاشق آن روی دل افروزم و حیران

Зоҳид диҳадам тавбаи з рӯй ту , зиҳии рӯ !

زاهد دهدم توبه ز روی تو،زهی رو!

Қосим , дилу ҷони раҳи набарди ҷониби мақсӯд

قاسم، دل و جان ره نبرد جانب مقصود

То нашунӯд аз лутфи азали бонг « тъолўо » !

تا نشنود از لطف ازل بانگ «تعالوا»!