Хуршеди мунаввари зи ҷамол ту ҳувайдост
خورشید منور ز جمال تو هویداست
Дар машраби ъзби ту чаҳ гӯям ки чаҳ срҳост ?
در مشرب عذب تو چه گویم که چه سرهاست؟
Ориф накунад манъи ман аз ишқи ту , оре
عارف نکند منع من از عشق تو، آری
Маҷнӯн чаҳ кунад ? кини кашиш аз ҷониб Лайлост
مجنون چه کند؟ کین کشش از جانب لیلاست
Умрӣаст басар май барам андари сари Кувайт
عمریست بسر می برم اندر سر کویت
Дар сояи зулфи ту , ки он моя савдост
در سایه زلف تو، که آن مایه سوداست
Носеҳи зи сиёҳии дил хеш надонист
ناصح ز سیاهی دل خویش ندانست
Кони зулфи сияҳи пӯши ту ғоратгари длҳост
کان زلف سیه پوش تو غارتگر دلهاست
эй дил , ҳамаи кас толиб ёранд , Фомо
ای دل، همه کس طالب یارند، فاما
То бахт кро ҷӯяду давлати з куҷо хост ?
تا بخت کرا جوید و دولت ز کجا خاست؟
Аз буи май ишқ ту шуд масти ҷаҳонӣ
از بوی می عشق تو شد مست جهانی
Зоҳиди бхробот Муғон омад ва май хост
زاهد بخرابات مغان آمد و می خواست
Гӯйанд ки : он ёри з қосим накунад ёд
گویند که: آن یار ز قاسم نکند یاد
Ин низ ҳам аз толеъ шӯрида шайдост
این نیز هم از طالع شوریده شیداست