Мақсӯди мо зи малики ҷаҳони васли ёри мост

مقصود ما ز ملک جهان وصل یار ماست

Ин кор агар барояд , пас кори кори мост

این کار اگر برآید، پس کار کار ماست

Мо дар миёни нор муҳаббат бсухтем

ما در میان نار محبت بسوختیم

Баъд аз фанои муроди дили андари канори мост

بعد از فنا مراد دل اندر کنار ماست

Ҳар булбулии бглшни мо роҳ кӣ барад ?

هر بلبلی بگلشن ما راه کی برد؟

Он мурғи зори мост ки аз марғзори мост

آن مرغ زار ماست که از مرغزار ماست

Шодӣ агар бмо нарасад ёр ҳокимаст

شادی اگر بما نرسد یار حاکمست

Бо ғам басар барем , ки ӯ ёри ғори мост

با غم بسر بریم، که او یار غار ماست

Воъиз , бирав , зи ҳрФк ва чрбк бидор даст

واعظ، برو، ز حرفک و چربک بدار دست

Роҳи ту мзлм омаду нури ту нори мост

راه تو مظلم آمد و نور تو نار ماست

Зоҳид , зи шарми шеваи мо об гашта Эй

زاهد، ز شرم شیوه ما آب گشته ای

Борӣ бидон ки шарми ту ҳам шармсори мост

باری بدان که شرم تو هم شرمسار ماست

Гар пар шавад ямину ясори ҷаҳони зи ғам

گر پر شود یمین و یسار جهان ز غم

Моро чаҳ ғами зи ғам ? ки ғамати ғмгсори мост

ما را چه غم ز غم؟ که غمت غمگسار ماست

Мансур гуфт ки бар сари дор аз сафои ишқ :

منصور گفت که بر سر دار از صفای عشق :

Ин дор дор нест ки доролъёри мост

این دار دار نیست که دارالعیار ماست

Боғи Ирам , ки мисли ваии андар ҷаҳон набӯд

باغ ارم، که مثل وی اندر جهان نبود

Бе партави ҷамоли ту дори албўори мост

بی پرتو جمال تو دار البوار ماست

Гуфтам ки : кист Аҳмад ? гуфто ки : шоҳи ҷон

گفتم که: کیست احمد؟ گفتا که: شاه جان

Гуфтам : блис ? гуфт ки : ӯ пардаи дори мост

گفتم: بلیس؟ گفت که: او پرده دار ماست

Гуфтам ки ақл ? гуфт ки : қозӣ кун факон

گفتم که عقل؟ گفت که: قاضی کن فکان

Гуфтам ки ишқ ? гуфт ки : мейри шикори мост

گفتم که عشق؟ گفت که: میر شکار ماست

Гуфтам ки : кист қосимии андари тариқ ? гуфт :

گفتم که: کیست قاسمی اندر طریق؟ گفت:

Бе ихтиёри мост , вале ихтиёри мост

بی اختیار ماست، ولی اختیار ماست