Шӯри ҷаҳони зи шукри он длстони мост
شور جهان ز شکر آن دلستان ماست
Дили арғунун ва рӯй ту чун арғавони мост
دل ارغنون و روی تو چون ارغوان ماست
Ман дар ту худ куҷои расм ? эй ёри нозанин
من در تو خود کجا رسم؟ ای یار نازنین
Кони ҷо ки остони ту он осмони мост
کان جا که آستان تو آن آسمان ماست
Беном ва бенишон набӯд дар басити даҳр
بی نام و بی نشان نبود در بسیط دهر
Ҳар ҷо ки ҳаст қиссаи ному нишони мост
هر جا که هست قصه نام و نشان ماست
Мо ҳамРаҳону ишқи диловези длФрўз
ما همرهان و عشق دلاویز دلفروز
Ҳар ҷо ки мерӯем Аннан бар Аннани мост
هر جا که می رویم عنان بر عنان ماست
Бо ёр бошу қиссаи он ёрро бигӯ
با یار باش و قصه آن یار را بگو
Аз худ сухан магӯ , ки зиён дар зиёни мост
از خود سخن مگو، که زیان در زیان ماست
Мо ошиқи тўоими бсди ҷон ва сад равон
ما عاشق توایم بصد جان و صد روان
Инак гувоҳи мо рух чун заъфарони мост
اینک گواه ما رخ چون زعفران ماست
Гуфтанд : қосимии ҳамаи шукр фуруш шуд
گفتند: قاسمی همه شکر فروش شد
Гуфто : балӣ , ки шукр ӯ аз дукони мост
گفتا: بلی، که شکر او از دکان ماست