Рӯят аз ойӣнае дилдор май гирами суроғ

رویت از آیینه ای دلدار می‌گیرم سراغ

Ёрро дар хонаи ағёр май гирами суроғ

یار را در خانه اغیار می‌گیرم سراغ

Холро меҷӯям аз дунболаи абрӯии дӯст

خال را می‌جویم از دنباله ابروی دوست

Нест айбами муҳраро аз мор май гирами суроғ

نیست عیبم مهره را از مار می‌گیرم سراغ

Шарҳи ғам май пурсам аз кокул , зи зулфи ошуфтагӣ

شرح غم می‌پرسم از کاکل، ز زلف آشفتگی

Шуғли хеш аз муҳаррамони ёр май гирами суроғ

شغل خویش از محرمان یار می‌گیرم سراغ

Захми дилро бахя гиро нест то бар хӯн нишаст

زخم دل را بخیه گیرا نیست تا بر خون نشست

Торӣ аз он мӯии ънбрбор май гирами суроғ

تاری از آن موی عنبربار می‌گیرم سراغ

Дар миёни ишқи бозон ман шудам борӣки байн

در میان عشق‌بازان من شدم باریک‌بین

Бас ки аз он турраи таррор май гирами суроғ

بس‌که از آن طره طرار می گیرم سراغ

Пеши пои ёри бармеи хезам аз ҷо чун ғубор

پیش پای یار برمی‌خیزم از جا چون غبار

Буии дилбар зон сабки рафтор май гирами суроғ

بوی دلبر زان سبک رفتار می‌گیرم سراغ

Ҳам зи гул май пурсами аҳволи ту ҳам аз андалеб

هم ز گل می‌پرسم احوال تو هم از عندلیب

Кам туро май байнам ва бисёр май гирами суроғ

کم تو را می‌بینم و بسیار می‌گیرم سراغ

Дар забонам нест ҳарфии ғайри ҳарфи ёри ман

در زبانم نیست حرفی غیر حرف یار من

Бас ки қассоб аз дару девор май гирами суроғ

بس‌که قصاب از در و دیوار می‌گیرم سراغ