Биё ки бе ту дамӣ нест ки изтироб надорам
بیا که بی تو دمی نیست که اضطراب ندارم
зи даврии ту дигар ним рӯза тоб надорам
ز دوری تو دگر نیمروزه تاب ندارم
Дигар ба мамлакати тани зи сайли ашки дамодам
دگر به مملکت تن ز سیل اشک دمادم
Иморатӣ ки тавонад шудан хароб надорам
عمارتی که تواند شدن خراب ندارم
Дар ин муҳӣт ки ҳиҷрон буд кашокаши мавҷаш
در این محیط که هجران بود کشاکش موجش
Ба худ гумони нафасӣ беш чун ҳубоб надорам
به خود گمان نفسی بیش چون حباب ندارم
Ба ёд рӯй ту эй меҳри ман ду дидаи ҳасрат
به یاد روی تو ای مهر من دو دیده حسرت
Кадоми субҳ ки бар роҳ офтоб надорам
کدام صبح که بر راه آفتاب ندارم
Нишоти зиндагии ман биёи биё ки зи умрам
نشاط زندگی من بیا بیا که ز عمرم
Ҳар ончӣ мегузарад бе ту дар ҳисоб надорам
هر آنچه میگذرد بی تو در حساب ندارم
Кадоми рӯзи зи дасти фироқу оташи даврӣ
کدام روز ز دست فراق و آتش دوری
Дилии зи доғи бириштатар аз кабоб надорам
دلی ز داغ برشتهتر از کباب ندارم
зи шърхўонии ошиқ ба роҳи хеш ба хотир
ز شعرخوانی عاشق به راه خویش به خاطر
Чу хати лаъли ту як байт интихоб надорам
چو خط لعل تو یک بیت انتخاب ندارم
Агар зи ман касе аҳволи доғи ҳиҷр ту пурсед
اگر ز من کسی احوال داغ هجر تو پرسید
зи бас ки сӯхтаам тоқат ҷавоб надорам
ز بسکه سوختهام طاقت جواب ندارم
Кадоми гӯша ки аз захми дил ба хӯн нанишинам
کدام گوشه که از زخم دل به خون ننشینم
Кадоми вақт ки аз даврят азоб надорам
کدام وقت که از دوریت عذاب ندارم
Шабам ба фикр ки шояд туро ба хоби бубинам
شبم به فکر که شاید تو را به خواب ببینم
Зиҳии тасаввури ботил ки бе ту хоб надорам
زهی تصور باطل که بی تو خواب ندارم
Ба кӯии ёри ту қассоб нест ҳеҷ заминӣ
به کوی یار تو قصاب نیست هیچ زمینی
Ки ман зи дида дар онҷои гулӣ дар об надорам
که من ز دیده در آنجا گلی در آب ندارم