Онкӣ рух бинмуду равшани сохт ҷон дар тани туе
آنکه رخ بنمود و روشن ساخت جان در تن تویی
Онкӣ оташ зад ба ман чун барқ дар хирмани туе
آنکه آتش زد به من چون برق در خرمن تویی
Онкии андари як табассум кард ҷон дар тани туе
آنکه اندر یک تبسم کرد جان در تن تویی
Онкӣ ҷон бигирифт аз як заҳри чашм аз ман туе
آنکه جان بگرفت از یک زهر چشم از من تویی
Шуълаҳои оҳи ҷони сӯз аз ки май пурсӣ ки чист
شعلههای آه جانسوز از که میپرسی که چیست
Онкӣ зад бар оташи бечорагони домани туе
آنکه زد بر آتش بیچارگان دامن تویی
эй насими кӯии ёри ин саргаронӣ то ба кӣ
ای نسیم کوی یار این سرگرانی تا به کی
Май расонади онкӣ бар мо буии пероҳани туе
میرساند آنکه بر ما بوی پیراهن تویی
Ҷилва кун дар боғ то гиранд гулҳо аз ту ранг
جلوه کن در باغ تا گیرند گلها از تو رنگ
Чун ҷамоли ороу зинати бахши ин гулшани туе
چون جمالآرا و زینتبخش این گلشن تویی
Май расонади онкӣ дар олам барои парвариш
میرساند آنکه در عالم برای پرورش
Мӯри аъамиро зи эҳсон бар сари хирмани туе
مور اعمی را ز احسان بر سر خرمن تویی
Дар ҳарими ошиқони дӯсти ҷой ғайр нест
در حریم عاشقان دوست جای غیر نیست
Онкӣ чун меҳри ту дар дил мекунад маскани туе
آنکه چون مهر تو در دل میکند مسکن تویی
Чашми омурзиш ба даргоҳ ту дорам рӯзу шаб
چشم آمرزش به درگاه تو دارم روز و شب
наметавонад онкии бахшойади гуноҳи ман туе
میتواند آنکه بخشاید گناه من تویی
Май туоне пуртӯии қассобро дар дил фиканд
میتوانی پرتوی قصاب را در دل فکند
Онкии шамъи меҳру маро мекунад равшани туе
آنکه شمع مهر و مه را میکند روشن تویی